पीरियड्स में बदलाव के साथ मुंहासे-बाल झड़ना, PCOS की जांच कब जरूरी?

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साक्षी चतुर्वेदी
साक्षी चतुर्वेदी

महिलाओं में कभी-कभार पीरियड्स (Periods) का समय बदलना या अनियमित होना एक आम बात है। लेकिन अगर यह समस्या लगातार बनी हुई है और इसके साथ ही आपको त्वचा पर मुंहासे (Acne), ऑयली स्किन और सिर के बाल झड़ने जैसी दिक्कतें भी महसूस हो रही हैं, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, ये सभी लक्षण पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम यानी पीसीओएस (PCOS) की ओर इशारा कर सकते हैं।

हालांकि, केवल इन लक्षणों के आधार पर खुद को पीसीओएस से पीड़ित मान लेना सही नहीं है। डॉक्टर की सलाह और उचित जांच के बाद ही इसकी पुष्टि की जा सकती है।

अनियमित पीरियड्स: PCOS का पहला बड़ा संकेत

PCOS से पीड़ित महिलाओं में अक्सर पीरियड्स का चक्र बिगड़ जाता है। दो पीरियड्स के बीच का अंतर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है या फिर कई महीनों तक पीरियड्स नहीं आते। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पीसीओएस की स्थिति में महिला के शरीर में ओव्यूलेशन (अंडे का रिलीज होना) नियमित रूप से नहीं हो पाता है।

ध्यान दें: जरूरी नहीं कि हर बार अनियमित पीरियड्स का कारण पीसीओएस ही हो। अत्यधिक तनाव, वजन का तेजी से घटना या बढ़ना, बहुत ज्यादा एक्सरसाइज करना, थायरॉइड (Thyroid) की समस्या या हॉर्मोनल असंतुलन भी इसके कारण हो सकते हैं। इसलिए लगातार अनियमित पीरियड्स होने पर स्त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना जरूरी है।

मुंहासे, ऑयली स्किन और बाल झड़ना

पीसीओएस में शरीर के हार्मोनल संतुलन में गड़बड़ी आ जाती है, विशेषकर पुरुष हार्मोन ‘एंड्रोजन’ (Androgen) का स्तर बढ़ जाता है। इसके कारण महिलाओं में निम्नलिखित लक्षण दिखाई दे सकते हैं:

  • त्वचा का ज्यादा ऑयली होना और लगातार मुंहासे निकलना।

  • सिर के बालों का पतला होना या तेजी से झड़ना।

  • चेहरे (जैसे ठुड्डी या होंठ के ऊपर) और शरीर के अन्य हिस्सों पर सामान्य से ज्यादा अनचाहे बालों का आना (Hirsutism)।

चूंकि मुंहासे और बाल झड़ने की कई अन्य वजहें भी हो सकती हैं, इसलिए डॉक्टर से जांच कराना अहम है।

वजन का तेजी से बढ़ना भी है एक लक्षण

PCOS से जुड़ी एक आम समस्या वजन का बढ़ना भी है। इसमें खासकर पेट के आसपास तेजी से चर्बी (Belly Fat) जमा होने लगती है। इसका मुख्य कारण शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस (Insulin Resistance) का होना है, जहां शरीर इंसुलिन का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता है। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि पीसीओएस से पीड़ित हर महिला का वजन बढ़े; यह समस्या पतली महिलाओं (Lean PCOS) में भी हो सकती है।

कैसे होती है PCOS की जांच?

पीसीओएस का पता लगाने के लिए कोई एक सिंगल टेस्ट नहीं होता है। डॉक्टर निम्नलिखित तरीकों से इसका निदान (Diagnosis) करते हैं:

  1. लक्षण और मेडिकल हिस्ट्री: सबसे पहले डॉक्टर आपके पीरियड्स के चक्र, मुंहासे, बाल झड़ने और वजन बढ़ने जैसे लक्षणों व पुरानी मेडिकल हिस्ट्री की जानकारी लेते हैं।

  2. ब्लड टेस्ट: शरीर में एण्ड्रोजन हार्मोन का स्तर, इंसुलिन और थायरॉइड की जांच के लिए ब्लड टेस्ट किए जाते हैं।

  3. पेल्विक अल्ट्रासाउंड: ओवरी (अंडाशय) में सिस्ट (पानी की छोटी थैलियां) की मौजूदगी या ओवरी के आकार में हुए बदलाव को देखने के लिए अल्ट्रासाउंड किया जाता है।

अगर आपके पीरियड्स में लगातार बदलाव आ रहा है और साथ ही वजन, त्वचा या बालों से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं, तो बिना देर किए डॉक्टर से परामर्श लें। सही समय पर इलाज और जीवनशैली (Lifestyle) में बदलाव से पीसीओएस को आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है।