अफ्रीका में बढ़ी चिंता, नाइजीरिया तक पहुंचा इबोला का दुर्लभ स्ट्रेन; निगरानी

Ebola
शालिनी तिवारी
शालिनी तिवारी

अफ्रीका के सबसे अधिक आबादी वाले देश नाइजीरिया (Nigeria) में इबोला वायरस (Ebola Virus) के पहले मामले की पुष्टि हुई है। चिंता की बात यह है कि यह संक्रमण घातक ‘बुंडिबुग्यो स्ट्रेन’ (Bundibugyo strain) का है, जो वर्तमान में डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में फैली एक बड़ी महामारी का मुख्य कारण है।

बुधवार को हुई एक आपातकालीन बैठक में नाइजीरिया सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (NCDC) ने जानकारी दी कि संक्रमित मरीज एक राजनयिक (Diplomat) है। यह महिला 3 अक्टूबर को युगांडा से नाइजीरिया की राजधानी अबुजा लौटी थी, जिसके बाद उसमें संक्रमण की पुष्टि हुई है।

बुंडिबुग्यो स्ट्रेन: न वैक्सीन, न कोई सटीक इलाज

NCDC में पब्लिक हेल्थ लेबोरेटरी सर्विस की निदेशक ओलाजुमोक बाबाटंडे ने बताया कि तीन स्तरों पर मॉलिक्यूलर टेस्ट किए गए, जिससे पुष्टि हुई है कि यह बुंडिबुग्यो स्ट्रेन है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी इस स्ट्रेन की पुष्टि कर दी है। इस स्ट्रेन की सबसे गंभीर बात यह है कि अभी तक इसके लिए न तो कोई वैक्सीन उपलब्ध है और न ही कोई विशिष्ट इलाज मौजूद है।

एक अन्य अधिकारी के अनुसार, संक्रमित राजनयिक की हालत गंभीर है और वह “मल्टी-ऑर्गन फेल्योर” (Multi-organ failure) की स्थिति में पहुंच गई है। अधिकारी ने सुरक्षा कारणों से राजनयिक की राष्ट्रीयता का खुलासा नहीं किया है।

DRC में अब तक की सबसे जानलेवा इबोला महामारी

मई के मध्य में डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में इबोला फैलने की घोषणा की गई थी। इसके बाद से यह वायरल हैमरेजिक बुखार महाद्वीप के कई देशों में फैल चुका है, जिसमें पड़ोसी देश युगांडा भी शामिल है।

स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में DRC में इबोला की यह महामारी देश के इतिहास में सबसे घातक बन गई है। वहां अब तक 9,000 से अधिक पुष्ट मामलों में से 4,381 लोगों की मौत हो चुकी है। वहां मृत्यु दर तेजी से 50 प्रतिशत की ओर बढ़ रही है।

अफ्रीका CDC ने दी ‘बेहद गंभीर खतरे’ की चेतावनी

हाल ही में केन्या में भी इबोला का नौवां मामला दर्ज किया गया है। इसके मद्देनजर, अफ्रीका सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (Africa CDC) के महानिदेशक जीन कासेया ने मंगलवार को इस स्थिति को “बेहद गंभीर खतरा” बताया।

कासेया ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तुरंत मदद की अपील करते हुए कहा, “मेरा अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल अनुरोध है: अभी कार्रवाई करें (ACT NOW)। यह बुंडिबुग्यो इबोला प्रकोप इतिहास में भौगोलिक रूप से सबसे व्यापक इबोला प्रकोप बन गया है, जो अफ्रीका के तीन क्षेत्रों के कई देशों को प्रभावित कर रहा है।”

नाइजीरिया में 44 लोगों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग शुरू

नाइजीरियाई प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए 44 ऐसे लोगों की पहचान की है जो संक्रमित महिला के संपर्क में आए थे। इन सभी की कड़ी निगरानी की जा रही है और अन्य संभावित संपर्कों की तलाश तेज कर दी गई है।

WHO ने अपने बयान में कहा है कि जिस निजी अस्पताल में मरीज ने इलाज के लिए संपर्क किया था, वहां संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण के उपायों को बड़े पैमाने पर लागू किया जा रहा है। बता दें कि इससे पहले नाइजीरिया में इबोला का आखिरी प्रकोप साल 2014 में देखा गया था, जिसे सफलतापूर्वक नियंत्रित कर लिया गया था।