सुनेत्रा पवार की बैठक के बाद भी नहीं सुलझी NCP की अंदरूनी खींचतान

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अजमल शाह
अजमल शाह

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच बुधवार, 4 नवंबर को मुंबई में कोर कमेटी की अहम बैठक बुलाई गई। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी वाली इस बैठक का मुख्य एजेंडा पार्थ पवार की कार्यशैली को लेकर उभरे मतभेदों को सुलझाना था।

बैठक में सुनेत्रा पवार, पार्थ पवार, प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे और राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल के साथ दिलीप वलसे पाटिल, हसन मुश्रीफ, छगन भुजबल, समीर भुजबल और धनंजय मुंडे जैसे प्रमुख नेता शामिल हुए। सूत्रों के मुताबिक, लंबी चर्चा के बावजूद पार्टी के अंदर चल रहे विवाद का पूरी तरह से समाधान नहीं निकल पाया है।

नियुक्तियों पर तय हुआ फॉर्मूला

पार्टी के भीतर ताजा विवाद पार्थ पवार के निर्देश पर हुई दो बड़ी नियुक्तियों से जुड़ा था। जीशान सिद्दीकी को मुंबई NCP अध्यक्ष और उमेश पाटिल को राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाए जाने के फैसले पर वरिष्ठ नेताओं के गुट ने नाराजगी जताई थी। इन नियुक्तियों के दौरान कोर कमेटी को विश्वास में नहीं लिया गया था।

बैठक में यह स्पष्ट कर दिया गया कि पार्थ पवार और सुनेत्रा पवार द्वारा की गई ये नियुक्तियां रद्द नहीं होंगी। जीशान सिद्दीकी और उमेश पाटिल अगले छह महीने तक अपने-अपने पदों पर काम करते रहेंगे। छह महीने बाद इनके कामकाज की समीक्षा की जाएगी और उसके आधार पर आगे का फैसला होगा।

पार्थ पवार ने कोर कमेटी को दिया भरोसा

वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी को देखते हुए पार्थ पवार ने बैठक में अपना रुख स्पष्ट किया। सूत्रों ने बताया कि पार्थ ने पार्टी नेतृत्व को भरोसा दिया है कि भविष्य में कोई भी बड़ा फैसला कोर कमेटी से विचार-विमर्श करने के बाद ही लिया जाएगा। बैठक के दौरान पार्टी के भीतर चल रहे विवाद के मुद्दे पर पार्थ पवार और सुनेत्रा पवार ने चुप्पी साधे रखी।

बड़े पदों पर अभी भी सस्पेंस बरकरार

जीशान और उमेश के पदों पर भले ही बीच का रास्ता निकाल लिया गया हो, लेकिन कुछ शीर्ष पदों को लेकर पार्टी के भीतर अभी भी स्थिति पूरी तरह से साफ नहीं है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे और राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल के पदों को लेकर बना असमंजस अभी भी बरकरार है। कोर कमेटी इन महत्वपूर्ण पदों के भविष्य को लेकर किसी अंतिम नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है।