‘हां, हम सत्ता परिवर्तन चाहते हैं’, ममता की करीबी महुआ का तीखा प्रहार

चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों और ‘सत्ता परिवर्तन’ की मांग को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा और राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने सीधे तौर पर केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए सत्ता परिवर्तन का समर्थन किया है। यह बयान ऐसे समय आया है जब सत्ता पक्ष की ओर से विपक्ष पर बांग्लादेश की तर्ज पर देश को अस्थिर करने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
‘नागरिकों को उठवाने वाली सरकार को सत्ता में रहने का हक नहीं’
महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में लिखा, “हां, हम सत्ता परिवर्तन चाहते हैं।”
केंद्र सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जो सरकार अपने ही निहत्थे नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए अवैध रूप से उठवा लेती है, उन्हें हिरासत में रखती है और न्यायिक अधिकारियों की आड़ में पुलिस तंत्र का इस्तेमाल कर जेल भेजती है, उसे सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक या संवैधानिक अधिकार नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विपक्ष अब लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता परिवर्तन चाहता है।
सिब्बल का राजनाथ सिंह पर पलटवार: ‘जनता चाहती है बदलाव’
महुआ मोइत्रा के बयान से पहले कपिल सिब्बल ने भी सरकार को आड़े हाथों लिया। उनका बयान केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस आरोप के जवाब में आया था, जिसमें राजनाथ सिंह ने कहा था कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन करना चाहते हैं और अराजकता फैलाने के लिए युवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं।
सिब्बल ने पलटवार करते हुए ‘एक्स’ पर लिखा कि सत्ता परिवर्तन कांग्रेस नहीं, बल्कि देश की जनता चाहती है। उन्होंने मौजूदा सरकार के उभार की याद दिलाते हुए कहा कि ‘भ्रष्टाचार के खिलाफ भारत’ के नारे ने इस सरकार को सत्ता तक पहुंचाया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार ने भ्रष्टाचार को गले लगाया, संस्थाओं पर कब्जा किया और मतदाता सूची में हेरफेर की। सिब्बल ने दो टूक कहा कि अब इस सरकार के जाने का समय आ गया है।
BJP अध्यक्ष का विपक्ष पर ‘अर्बन नक्सल’ एजेंडे का आरोप
इस पूरे विवाद पर सत्ता पक्ष ने भी कड़ा रुख अपनाया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण और विपक्षी नेताओं के ‘सत्ता परिवर्तन’ वाले बयानों पर तीखा प्रहार किया।
नितिन नवीन ने आरोप लगाया कि विपक्ष की यह टिप्पणी विदेशी ताकतों के साथ मिलकर देश को अस्थिर करने के ‘दुर्भावनापूर्ण और अर्बन नक्सल’ एजेंडे को उजागर करती है। नवीन के मुताबिक, विपक्ष की लड़ाई चुनाव सुधारों या युवाओं के लिए नहीं है; वे किसी भी कीमत पर अराजकता फैलाकर सत्ता हासिल करना चाहते हैं। भाजपा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में सत्ता का रास्ता जनादेश से गुजरता है, अराजकता से नहीं, और देश की जनता ऐसे किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने देगी।

