SSR पर भड़के अखिलेश- बोले, चुनाव आयोग के जरिए रची जा रही साजिश

akhilesh
महेंद्र सिंह
महेंद्र सिंह

समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे ‘SSR’ (विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण – Special Summary Revision) को लेकर तीखी टिप्पणी की है। लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने इसे सीधे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जोड़ते हुए बीजेपी (BJP) पर बड़ा हमला बोला है।

‘SSR का उल्टा RSS, साजिश का विरोध है’

प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने कहा, “SSR का उल्टा क्या होता है? RSS।” उन्होंने आरोप लगाया कि ये अनरजिस्टर्ड और नकारात्मक लोग हैं, जो यह भली-भांति जानते हैं कि वे सीधे मुकाबले में नहीं जीत सकते।

उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा, “अगर SSR हो रहा है तो फिर SIR जीरो हो गया।” अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि उन्हें SIR (विशेष मतदाता पुनरीक्षण) या SSR से कोई विरोध नहीं है, बल्कि उनकी आपत्ति इसके पीछे रची जा रही साजिश को लेकर है। उन्होंने दावा किया कि जनता अब बीजेपी को वोट देकर पाप का भागीदार नहीं बनना चाहती है।

‘Gen Z और Gen Alpha सब नाराज हैं’

बीजेपी के जनाधार में कमी का दावा करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में माताएं दुखी हैं और महिलाओं के साथ लगातार अत्याचार हुआ है, जिसके कारण महिला वोट बैंक बीजेपी से दूर जा रहा है। उन्होंने NEET परीक्षा में हुई धांधली का जिक्र करते हुए कहा कि मध्यम वर्ग भी इस सरकार से पूरी तरह निराश है।

पूर्व सीएम ने युवा पीढ़ी का हवाला देते हुए कहा, “इन्होंने Gen Z (जेन-जी) का गुस्सा देखा है और अब Gen Alpha (जेन अल्फा) भी नाराज है। यहां तक कि सरकारी योजनाओं के लाभार्थी भी इनसे नाराज हैं।”

‘एक बार भ्रष्टाचार के लिए है वन नेशन, वन इलेक्शन’

अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार के ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ (एक देश, एक चुनाव) के प्रस्ताव पर भी करारा तंज कसा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का असली मकसद एक ही बार में बड़ा भ्रष्टाचार करना है, ताकि उन्हें बार-बार ऐसा न करना पड़े। उनके मुताबिक, “यानी एक बार घपला कर लो और फिर दोबारा न करना पड़े।”

‘अभी तो विधायकों का स्वागत होना बाकी है’

प्रेस वार्ता के दौरान कन्नौज सांसद ने सपा में शामिल होने वाले नए नेताओं का स्वागत भी किया। इस मौके पर उन्होंने बीजेपी और अन्य दलों को चुनौती देते हुए कहा, “ये तो अभी केवल शुरुआत है, अभी विधायकों का स्वागत नहीं हुआ है। ऐसे भी बड़ी संख्या में लोग हैं।”

उन्होंने गठबंधन की संभावनाओं पर कहा कि कई ऐसे दल भी हैं जो फिलहाल मोलभाव कर रहे हैं और जब वे सही तरीके से तौल लेंगे, तब पार्टी उनकी तरफ भी विचार करेगी। इस दौरान पूर्व सांसद राजपाल सैनी, पूर्व मंत्री के बेटे शान-ए-अली, रवि प्रताप (बिल्सी), श्यामाचरण गुप्ता के बेटे विदुप अग्रहरी, नंद किशोर पुंडीर, आजाद समाज पार्टी के कमल गौतम, हरबीर मलिक, शैलेंद्र आचार्य और संजीव प्रधान समेत कई नेता समाजवादी पार्टी में शामिल हुए।