दूध में डिटर्जेंट या कास्टिक सोडा, बिस्कुट में पशु चारे वाला चोकर!

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Gautam Kumar Agarwal
Gautam Kumar Agarwal

रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली खाने-पीने की लोकप्रिय चीजों की गुणवत्ता और सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों (Food Safety Officials) द्वारा की गई हालिया जांच में दूध, बिस्कुट और ऑर्गेनिक किशमिश में हैरान कर देने वाली कमियां और मिलावट पाई गई है।

जांच के घेरे में प्रियागोल्ड (Priyagold) बिस्कुट बनाने वाली कंपनी सूर्या फूड एंड एग्रो, डोडला डेरी (Dodla Dairy) और उइर ऑर्गेनिक फूड्स जैसी नामी कंपनियां शामिल हैं। इन गंभीर कमियों के खुलासे के बाद संबंधित कंपनियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

प्रियागोल्ड बिस्कुट: इंसानों के खाने में ‘पशुओं का चारा’

प्रियागोल्ड बिस्कुट का निर्माण करने वाली कंपनी ‘सूर्या फूड एंड एग्रो’ की फैक्ट्री के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को चौंकाने वाली चीजें मिलीं। जांच में सामने आया कि बिस्कुट बनाने के लिए जिस चोकर का इस्तेमाल किया जा रहा था, उसके पैकेट पर स्पष्ट रूप से लिखा था कि वह केवल ‘पशुओं के चारे’ (Animal Feed) के लिए है।

इसके अलावा, फैक्ट्री परिसर में साफ-सफाई की भारी कमी, कीड़ों से बचाव के नाकाफी इंतजाम, कच्चे माल के अनुचित रखरखाव और कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता में घोर लापरवाही पाई गई। इन गंभीर उल्लंघनों के बाद कंपनी का खाद्य लाइसेंस (Food License) तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और विधिक कार्रवाई को मंजूरी दे दी गई है।

डोडला डेरी: फुल क्रीम दूध में डिटर्जेंट और कास्टिक सोडा

डोडला डेरी के फुल क्रीम दूध के नमूनों की जांच रिपोर्ट ने दूध की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े किए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, पहली जांच में दूध के अंदर फैट (Fat) की मात्रा तय मानकों से काफी कम पाई गई।

जब नमूने को विस्तृत जांच के लिए लैब भेजा गया, तो दूसरी रिपोर्ट में पता चला कि यह दूध इंसानों के पीने के लिहाज से सुरक्षित नहीं है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि दूध में डिटर्जेंट (Detergent) और कास्टिक सोडा की मौजूदगी की पुष्टि हुई। इस गंभीर मिलावट के चलते कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाने को मंजूरी दे दी गई है।

ऑर्गेनिक किशमिश में भी कीटनाशकों का जहर

खुद को शुद्ध और प्राकृतिक बताने वाले ‘उइर ऑर्गेनिक फूड्स’ (Ueir Organic Foods) की ऑर्गेनिक पीली किशमिश भी जांच में फेल हो गई है। किशमिश के नमूनों की जांच में तय सीमा से कहीं अधिक कीटनाशकों (Pesticides) के अवशेष मिले। आगे की जांच में यह भी पुष्टि हुई कि किशमिश में कुछ रसायनों की मात्रा निर्धारित मानकों से बहुत ज्यादा थी। इस मामले में भी कानूनी कार्रवाई के आदेश दे दिए गए हैं।

अन्य कारोबारियों को भी सख्त नोटिस

इन तीन बड़े मामलों के अलावा, खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण ने नारपधम फूड्स, सन रिजिस हेल्थ करियर्स और शाह कंटिलाल जयंतीलाल जैसी कंपनियों को भी सख्त नोटिस जारी किए हैं। इन कारोबारियों के यहां भी साफ-सफाई, सामान के रखरखाव, कीड़ों से बचाव और जरूरी रिकॉर्ड मेंटेनेंस से जुड़ी गंभीर कमियां पाई गई थीं। अधिकारियों ने इन सभी को तुरंत कमियां दूर करने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।