यूपी में बनेगा नया ‘लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे’: 5 एक्सप्रेसवे को करेगा कनेक्ट

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साक्षी चतुर्वेदी
साक्षी चतुर्वेदी

उत्तर प्रदेश के मजबूत होते एक्सप्रेसवे नेटवर्क में जल्द ही एक और नया और अहम नाम जुड़ने जा रहा है। यूपी सरकार की एजेंसी यूपीडा (UPEIDA) 51 किलोमीटर लंबे ‘लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे’ (Lucknow Link Expressway) का निर्माण करने जा रही है। 6 लेन का यह ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट पश्चिमी यूपी को सीधे पूर्वांचल और बिहार से जोड़ेगा। 4776 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार होने वाला यह एक्सप्रेसवे अपने आप में इसलिए खास है क्योंकि यह यूपी के पांच प्रमुख एक्सप्रेसवे को आपस में कनेक्ट करेगा।

5 एक्सप्रेसवे का बनेगा जंक्शन

यह लिंक एक्सप्रेसवे काकोरी-मोहान रोड स्थित आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से शुरू होगा और गोसाईंगंज के चांद सराय में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर जाकर खत्म होगा। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह नेटवर्क आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे को एक धागे में पिरोएगा। इसके अलावा, किसान पथ (आउटर रिंग रोड) और बुंदेलखंड व डिफेंस कॉरिडोर के ट्रैफिक को भी इससे सीधी हाईस्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी।

लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे रूट और मुख्य बातें:

  • शुरुआत: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के भलिया गांव (काकोरी) से।

  • अंत: पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पहांसा गांव (चांद सराय/गोसाईंगंज) पर।

  • लंबाई और लेन: 51 किमी लंबा, 6 लेन (भविष्य में 8 लेन तक विस्तार संभव)।

  • लागत और समय: 4775 करोड़ रुपये, करीब 3 साल में होगा पूरा।

  • रफ्तार: इस एक्सप्रेसवे पर वाहन 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से फर्राटा भर सकेंगे।

सफर में बचेगी 1.5 घंटे की बचत, जाम से मिलेगी मुक्ति

वर्तमान में यदि कोई वाहन दिल्ली या यमुना एक्सप्रेसवे से होते हुए आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के जरिए पूर्वांचल जाना चाहता है, तो उसे लखनऊ शहर (शहीद पथ, अवध चौराहा) को पार करने में 1.5 से 2 घंटे लग जाते हैं। इस नए लिंक के बनने से यह सफर सिमट कर मात्र 25 से 30 मिनट का रह जाएगा।

रोजाना दिल्ली से बिहार या नेपाल बॉर्डर की ओर जाने वाले करीब 50 हजार भारी वाहनों को अब लखनऊ शहर के भीतर प्रवेश करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे राजधानी लखनऊ को भीषण ट्रैफिक जाम और प्रदूषण से बड़ी राहत मिलेगी।

रियल एस्टेट और किसानों को फायदा

इस प्रोजेक्ट से सिर्फ सफर ही आसान नहीं होगा, बल्कि इसके आसपास के इलाकों (काकोरी, मोहनलालगंज, सरोजनीनगर और सुल्तानपुर रोड) में नए लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग हब और आवासीय टाउनशिप विकसित होंगी, जिससे रियल एस्टेट को जबर्दस्त रफ्तार मिलेगी। वहीं, माल ढुलाई तेज होने से ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों के उत्पाद, फल और सब्जियां कुछ ही घंटों में दिल्ली और बड़े बाजारों तक पहुंच सकेंगे।

यूपी में बन रहे अन्य प्रमुख लिंक एक्सप्रेसवे की स्थिति:

  • गोरखपुर लिंक (91.3 किमी): गोरखपुर से आजमगढ़ (पूर्वांचल एक्सप्रेसवे), काम पूरा।

  • फर्रुखाबाद लिंक (91 किमी): आगरा-लखनऊ से गंगा एक्सप्रेसवे तक, भूमि अधिग्रहण शुरू।

  • जेवर लिंक (74 किमी): जेवर एयरपोर्ट से गंगा एक्सप्रेसवे तक, निर्माण की मंजूरी।

  • झांसी लिंक (115 किमी): झांसी से बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे तक, भूमि अधिग्रहण शुरू।

  • चित्रकूट लिंक (15 किमी): बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से चित्रकूट तक, टेंडर प्रक्रिया में।