बड़ा फैसला, कोर्ट की शक्तियां सीमित और Justina Shiroka Pula राष्ट्रपति

Justina Shiroka Pula
साक्षी चतुर्वेदी
साक्षी चतुर्वेदी

कोसोवो की संसद ने एक आपातकालीन सत्र में विशेष युद्ध अपराध अदालत (Kosovo Specialist Chambers – KSC) के अधिकारों में भारी कटौती करने वाले संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी है। बुधवार तड़के हुए इस मतदान के साथ ही देश में एक बार फिर सरकार गिरने और नए सिरे से चुनाव होने का संकट टल गया। आधी रात की संवैधानिक समयसीमा खत्म होने से कुछ ही मिनट पहले हुए इस सियासी समझौते के तहत अर्थशास्त्री और शिक्षाविद जस्टिना शिरोका पुला (Justina Shiroka Pula) को देश का नया राष्ट्रपति चुन लिया गया है।

संसद में बहुमत होने के बावजूद प्रधानमंत्री अल्बिन कुर्ती की पार्टी महीनों से राष्ट्रपति चुनाव के लिए जरूरी दो-तिहाई समर्थन नहीं जुटा पा रही थी। गतिरोध टूटने के बाद कुर्ती सरकार ने मुख्य विपक्षी दल के साथ समझौता किया, जिसके तहत अदालत के अधिकारों को सीमित करने वाले बिल के बदले में राष्ट्रपति पद के लिए विपक्षी समर्थन हासिल किया गया।

हाशिम थाची को सजा के बाद भड़का था विरोध

अदालत के पर कतरने का यह फैसला ऐसे वक्त आया है, जब नीदरलैंड के हेग स्थित विशेष अदालत ने पिछले महीने कोसोवो के पूर्व राष्ट्रपति हाशिम थाची समेत पूर्व गुरिल्ला संगठन ‘कोसोवो लिबरेशन आर्मी’ (KLA) के चार शीर्ष नेताओं को युद्ध अपराधों का दोषी ठहराया था। अदालत ने 1990 के दशक में सर्बिया से आजादी के संघर्ष के दौरान हत्या, अवैध हिरासत और प्रताड़ना के मामलों में थाची को 25 साल जेल की सजा सुनाई थी।

कोसोवो में KLA नेताओं को नायक का दर्जा हासिल है, जिसके चलते इस फैसले के बाद राजधानी प्रिस्टिना समेत कई इलाकों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। विपक्षी दलों और युद्ध के पूर्व सैनिकों के संगठनों का लगातार कहना था कि कोसोवो के कानून के तहत बनी इस अदालत का रुख भेदभावपूर्ण है।

अदालत के अधिकारों में क्या बदलाव किए गए?

पारित संशोधन के मूल मसौदे के अनुसार, विशेष अदालत के अधिकार क्षेत्र को काफी सीमित कर दिया गया है:

  • KSC अब 1998-99 के युद्ध के दौरान हुए युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों की सुनवाई नहीं कर सकेगी।

  • अदालत का अधिकार क्षेत्र केवल युद्ध समाप्त होने के तुरंत बाद कोसोवो की सीमा के भीतर हुए अपराधों तक सीमित रहेगा।

  • सजा पाने वाले कैदियों को अपनी सजा कोसोवो की जेलों में काटने की अनुमति होगी।

  • सजा की अधिकतम सीमा 15 साल तय की गई है और राष्ट्रपति को सजा माफी देने का अधिकार भी दिया गया है।

संसद में संशोधन पास होते ही प्रिस्टिना में जमा हजारों प्रदर्शनकारियों ने आतिशबाजी कर जश्न मनाया। हालांकि, कानूनी प्रावधानों के तहत इन बदलावों का असर हाशिम थाची और अन्य तीन पूर्व नेताओं की मौजूदा सजा पर नहीं पड़ेगा। वे अदालत की तय कानूनी प्रक्रिया के जरिए ही अपील दायर करेंगे।

कौन हैं नई राष्ट्रपति जस्टिना शिरोका पुला?

देश के शीर्ष पद पर चुनी गईं जस्टिना शिरोका पुला (जन्म 1953) कोसोवो की तीसरी महिला राष्ट्रपति हैं। वह पूर्व में देश की ऊर्जा मंत्री रह चुकी हैं और ‘कोसोवो एकेडमी ऑफ साइंसेज एंड आर्ट्स’ की अध्यक्षता करने वाली पहली महिला हैं।

पुला ने प्रिस्टिना विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र संकाय से स्नातक और डॉक्टरेट की उपाधि हासिल की है, जबकि उन्होंने स्नातकोत्तर की पढ़ाई जागरेब (Zagreb) विश्वविद्यालय से पूरी की थी। विपक्षी सहमति के बाद राष्ट्रपति चुने जाने से कोसोवो दो साल से भी कम समय में चौथे आम चुनाव में जाने से बच गया है।