किठौर का सियासी गणित: शाहिद मंजूर का किला या BJP की बाजी?

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गौरव त्रिपाठी
गौरव त्रिपाठी

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले की किठौर विधानसभा सीट (46) राज्य की सबसे चर्चित और राजनीतिक रूप से संवेदनशील सीटों में से एक है। इस सीट को समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर का मजबूत गढ़ माना जाता है। शाहिद मंजूर यहां से कुल चार बार विधायक चुने जा चुके हैं और उनसे पहले उनके पिता भी इस सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

किठौर सीट की एक खास राजनीतिक विशेषता यह रही है कि बीते तीन दशकों में यहां सिर्फ दो बार ही किसी गैर-मुस्लिम (हिंदू) प्रत्याशी को जीत हासिल हो सकी है, जिनमें से एक चुनाव में खुद शाहिद मंजूर को शिकस्त झेलनी पड़ी थी।

किठौर का जातीय समीकरण: मुस्लिम और दलित वोटर निर्णायक

किठौर विधानसभा क्षेत्र का सामाजिक समीकरण पूरी तरह मुस्लिम और दलित मतदाताओं के इर्द-गिर्द घूमता है:

  • मुस्लिम मतदाता: सीट पर सबसे बड़ी आबादी मुस्लिम समाज की है, जिनकी संख्या करीब 1.25 लाख आंकी जाती है। यह वर्ग लंबे समय से सपा की जीत की मुख्य धुरी रहा है।

  • दलित मतदाता: दूसरे नंबर पर करीब 72 हजार दलित मतदाता हैं, जो चुनाव में बहुजन समाज पार्टी (BSP) या अन्य समीकरणों को धार देते हैं।

  • ओबीसी और सवर्ण जातियां: यहां गुर्जर मतदाताओं की तादाद लगभग 35 से 42 हजार के बीच है। वहीं त्यागी समाज के करीब 30 हजार और क्षत्रिय (ठाकुर) मतदाताओं की संख्या करीब 28 हजार है, जो मुख्य रूप से भाजपा के पक्ष में लामबंद होते रहे हैं।

पिछले तीन विधानसभा चुनावों के परिणाम

1. विधानसभा चुनाव 2022: कांटे की टक्कर में शाहिद मंजूर की वापसी 2022 के चुनाव में इस सीट पर बेहद करीबी मुकाबला देखने को मिला, जहां शाहिद मंजूर ने भाजपा के सत्यवीर त्यागी को कड़े संघर्ष में 2,180 मतों से पराजित कर 2017 की हार का बदला चुकता किया।

  • शाहिद मंजूर (सपा): 1,07,104 वोट — विजेता

  • सत्यवीर त्यागी (भाजपा): 1,04,924 वोट — निकटतम प्रतिद्वंद्वी

  • कुशल पाल मावी (बसपा): 31,213 वोट — तीसरा स्थान

2. विधानसभा चुनाव 2017: मोदी लहर में भाजपा ने भेदा किला 2017 के चुनाव में भाजपा के सत्यवीर त्यागी ने जीत दर्ज कर इतिहास रचा था। 1989 के बाद यह दूसरा मौका था जब भाजपा यहां जीती थी (इससे पहले 1993 में भाजपा के रामकिशन वर्मा जीते थे)।

  • सत्यवीर त्यागी (भाजपा): 90,622 वोट — विजेता

  • शाहिद मंजूर (सपा): 79,800 वोट — 10,822 वोटों से पराजित

  • गजराज सिंह (बसपा): 62,503 वोट — तीसरा स्थान

3. विधानसभा चुनाव 2012: शाहिद मंजूर की हैट्रिक 2012 के चुनाव में सपा की लहर के दौरान शाहिद मंजूर ने लगातार तीसरी बार (2002, 2007 और 2012) जीत का परचम लहराया था।

  • शाहिद मंजूर (सपा): 73,015 वोट — विजेता

  • लखी राम नागर (बसपा): 61,909 वोट — 11,106 वोटों से पराजित

  • सत्यवीर त्यागी (रालोद): 34,791 वोट — तीसरा स्थान

किठौर का चुनावी मैदान हमेशा से सपा के पारंपरिक मुस्लिम-यादव गठजोड़ और भाजपा के सवर्ण-ओबीसी वोटों के ध्रुवीकरण के बीच सिमटता रहा है। आगामी 2027 के चुनाव में जहां सपा अपने इस मजबूत दुर्ग को बचाए रखने के लिए मैदान में होगी, वहीं भाजपा एक बार फिर 2017 का करिश्मा दोहराने की पुरजोर कोशिश करेगी।