J&K: पूर्ण राज्य के प्रस्ताव पर BJP का हंगामा, 370 के जिक्र पर वॉकआउट

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अजमल शाह
अजमल शाह

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच भारी घमासान के बावजूद पूर्ण राज्य का दर्जा (Statehood) बहाल करने का प्रस्ताव पारित हो गया है। हालांकि, इस प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सदन का माहौल बेहद गरमा गया, जिसके चलते मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कड़ा ऐतराज जताते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।

क्या है BJP के विरोध की वजह?

विधानसभा में पूर्ण राज्य के दर्जे की बहाली का मुद्दा उठने पर बीजेपी ने स्पष्ट किया कि वे राज्य के दर्जे की बहाली के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन प्रस्ताव में जोड़ी जा रही कुछ शर्तों और संदर्भों से उन्हें सख्त आपत्ति है।

बीजेपी विधायक और सदन में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने पार्टी का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि भाजपा जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के मुद्दे पर सकारात्मक और रचनात्मक चर्चा के लिए पूरी तरह से तैयार है।

उन्होंने आगे कहा कि इस प्रस्ताव में अनुच्छेद-370 (Article 370) के संदर्भों को शामिल करना या 1953 से पहले की संवैधानिक स्थिति जैसी मांगों को उठाना बीजेपी को बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है।

नारेबाजी और सदन से वॉकआउट

सत्ता पक्ष की ओर से अनुच्छेद 370 और विशेष दर्जे से जुड़े मुद्दों को प्रस्ताव की बहस में शामिल करने की कोशिशों पर बीजेपी विधायकों ने सदन में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद पार्टी ने अपनी असहमति दर्ज कराते हुए विधानसभा से वॉकआउट कर दिया।

इस राजनीतिक घमासान ने यह साफ कर दिया है कि राज्य के दर्जे की बहाली को लेकर भले ही आम सहमति की गुंजाइश हो, लेकिन अनुच्छेद 370 की वापसी या पुराने संवैधानिक दर्जे की किसी भी मांग पर दोनों पक्षों के बीच गहरी वैचारिक खाई बनी हुई है।