जयपुर नगर निगम चुनाव: BJP ने 8 मुस्लिम प्रत्याशियों को दिया टिकट

जयपुर : भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस बार राजस्थान में नगर निकाय चुनावों को लेकर अपनी रणनीति में अहम बदलाव किया है। पार्टी ने अल्पसंख्यक चेहरों पर भी भरोसा जताया है और जयपुर जैसे बड़े नगर निगम के लिए प्रत्याशियों की लिस्ट में 8 अल्पसंख्यक (मुस्लिम) उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है। बीजेपी का दावा है कि अल्पसंख्यक समुदाय का अब कांग्रेस से मोहभंग हो चुका है और वे अब बीजेपी की विचारधारा और नेतृत्व पर भरोसा जता रहे हैं।
अल्पसंख्यक मोर्चे की सिफारिश पर मिला टिकट
बीजेपी के प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी ने इस फैसले पर जानकारी देते हुए बताया कि पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चे की तरफ से मुस्लिम दावेदारों के लिए पैरवी की गई थी। पार्टी आलाकमान ने मोर्चे की राय को तवज्जो देते हुए यह फैसला लिया।
बगड़ी ने कहा, “अल्पसंख्यक मोर्चा हमारी पार्टी की एक अहम इकाई है। उनकी तरफ से यह सिफारिश आई थी कि बीजेपी की विचारधारा से जुड़े और जीतने की क्षमता रखने वाले मुस्लिम उम्मीदवारों को मौका दिया जाए। पार्टी ने उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए टिकट दिए हैं। भविष्य में भी अगर जिताऊ उम्मीदवार मिलते हैं और ऐसी सिफारिश आती है, तो पार्टी उन्हें आगे भी टिकट देगी।”
‘कांग्रेस से हुआ मोहभंग, इसलिए मांग रहे BJP का टिकट’
प्रदेश महामंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों का अब कांग्रेस से मोहभंग हो गया है और यही कारण है कि वे बड़ी संख्या में बीजेपी से टिकट मांग रहे हैं।
उन्होंने कहा, “एक वक्त था जब लोग कहते थे कि मुस्लिम समुदाय के लोग बीजेपी से टिकट ही नहीं मांगते। लेकिन इस बार हमारे पास आवेदनों की एक लंबी लिस्ट थी। अल्पसंख्यक समुदाय ने पहली बार इतनी बड़ी संख्या में बीजेपी से टिकट के लिए आवेदन किया, जिसमें से हमने योग्य और जिताऊ क्षमता वाले 8 लोगों को जयपुर में टिकट दिया है।”
दूसरे जिलों में भी अल्पसंख्यकों पर दांव
श्रवण सिंह बगड़ी ने स्पष्ट किया कि टिकट बंटवारे का मुख्य आधार उम्मीदवार की ‘जिताऊ क्षमता’ और अल्पसंख्यक मोर्चे की सिफारिश रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि केवल जयपुर ही नहीं, बल्कि राजस्थान के दूसरे जिलों में भी बीजेपी ने अल्पसंख्यक समुदाय के चेहरों को नगर निकाय चुनाव में टिकट देकर चुनावी मैदान में उतारा है।
