रामपुरा कंवरपुरा स्कूल: CJP के हंगामे के बाद स्कूल का निर्माण शुरू

जयपुर: बगरू विधानसभा क्षेत्र के रामपुरा कंवरपुरा गांव में प्राथमिक स्कूल के नए भवन का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद पहले स्कूल परिसर में सफाई करवाई गई और आज पुरानी व जर्जर बिल्डिंग को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
यह वही स्कूल है जो 21 अगस्त को भारी हंगामे और पथराव का केंद्र बन गया था। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह संयोजक आशुतोष रांका अपने ‘स्कूल ठीक करो अभियान’ के तहत यहां पहुंचे थे, जिसका स्थानीय ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया था। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों की ओर से पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई। इसके बाद मुख्यमंत्री ने 1 सितंबर से स्कूल का काम शुरू करवाने के निर्देश दिए थे।
18 लाख के फंड से बनेंगे नए कमरे
स्कूल के पुनर्निर्माण के लिए कुल 18 लाख रुपये का बजट तय किया गया है। क्षेत्रीय भाजपा विधायक कैलाश वर्मा के मुताबिक, स्कूल के लिए 13 अगस्त को ही डीएमएफटी फंड से 12 लाख रुपये और विधायक कोष से 6 लाख रुपये स्वीकृत करवा लिए गए थे।
इस बजट में से 12 लाख रुपये की लागत से स्कूल के दो नए भवन (कमरे) बनाए जाएंगे, जबकि बचे हुए 6 लाख रुपये अन्य निर्माण कार्यों पर खर्च होंगे। स्कूल की शिक्षिका आशा ने भी काम शुरू होने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि सबके सहयोग से आखिरकार स्कूल बन रहा है, जिसमें दो कमरों के अलावा टॉयलेट और ऑफिस का निर्माण भी होना चाहिए।
21 अगस्त का विवाद और श्रेय की राजनीति
21 अगस्त को जब CJP नेता आशुतोष रांका स्कूल की बदहाली का मुद्दा उठाने गांव पहुंचे, तो ग्रामीणों ने यह कहते हुए उनका रास्ता रोक लिया था कि “हमारे गांव का स्कूल हम खुद बनवा लेंगे।” इसी बहस के बीच CJP की टीम पर कुछ लोगों ने पथराव कर दिया था।
अब स्कूल का काम शुरू होने पर राजनीतिक श्रेय लेने की होड़ भी दिख रही है। CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने एक वीडियो जारी कर सरकार को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का मुख्य उद्देश्य स्कूल का निर्माण करवाना ही था, जो काम सरकार को पहले ही कर देना चाहिए था। दूसरी ओर, विधायक कैलाश वर्मा का तर्क है कि हंगामे से कई दिन पहले ही उन्होंने फंड पास करवा दिया था और सरकार स्कूलों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है।
हाईकोर्ट की सख्ती के बाद 3 साल का नया एक्शन प्लान
प्रदेश के स्कूलों की जर्जर हालत का मामला न्यायपालिका की निगरानी में भी है। पिछले साल झालावाड़ के पीपलोदी स्थित एक स्कूल में हुए हादसे के बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने स्वप्रेरित संज्ञान लिया था।
अदालत की सख्ती के बाद राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में 12 हजार 500 करोड़ रुपये का 5 वर्षीय एक्शन प्लान पेश किया था। हालिया हंगामों और विवादों के बाद अब सरकार ने इस पूरी योजना को 5 साल के बजाय 3 साल में ही धरातल पर उतारने का फैसला किया है।
ग्राउंड जीरो पर आज सुबह से ही रामपुरा कंवरपुरा के ग्रामीण स्कूल का पुराना सामान खाली करवाने और अन्य कार्यों में जुटे नजर आए। ग्रामीणों ने तय किया है कि वे अपनी देखरेख में ही स्कूल के नए भवन का निर्माण पूरा करवाएंगे।
