जयपुर में BJP का बड़ा दांव, 8 मुस्लिम और 52 महिलाओं को टिकट

जयपुर: जयपुर नगर निगम चुनाव के लिए नामांकन के आखिरी दिन भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 146 उम्मीदवारों की अपनी आधिकारिक सूची जारी कर दी है। 31 अगस्त को सामने आई इस सूची ने राज्य के सियासी गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। 2023 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में राजस्थान में एक भी मुस्लिम प्रत्याशी न उतारने वाली भाजपा ने इस बार नगर निगम में 8 मुस्लिम चेहरों को टिकट दिया है। इसके साथ ही पार्टी ने 52 महिला प्रत्याशियों को भी मैदान में उतारा है।
जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों के लिए 9 और 11 सितंबर को मतदान कराया जाएगा, जबकि नतीजे 14 सितंबर को घोषित होंगे। इसके एक हफ्ते बाद मेयर पद का चुनाव होगा।
जयपुर में किन मुस्लिम चेहरों को मिला टिकट?
बीजेपी ने जिन 8 मुस्लिम चेहरों पर भरोसा जताया है, उनमें वार्ड 19 से शहनवाज अंसारी, वार्ड 109 से जाकिर खान कायमखानी, वार्ड 113 से फरीदुद्दीन जैकी, वार्ड 117 से शब्बो जहां, वार्ड 128 से माजिद पठान, वार्ड 136 से मिजाना मिर्जा, वार्ड 137 से रहीस मंसूरी और वार्ड 146 से अफसाना शामिल हैं। इनमें से शब्बो जहां को पार्टी ने 2020 के चुनाव में भी टिकट दिया था, हालांकि तब वे चुनाव हार गई थीं।
उम्मीदवार शब्बो जहां का कहना है कि क्षेत्र का मुख्य मुद्दा बुनियादी ढांचा होगा, वहीं वार्ड 128 से प्रत्याशी माजिद पठान के मुताबिक प्रधानमंत्री आवास योजना और उज्ज्वला योजना जैसी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलने से अल्पसंख्यक वर्ग भी पार्टी के पक्ष में मतदान करेगा।
35 फीसदी सीटों पर महिला प्रत्याशी, ज्योति खंडेलवाल भी मैदान में
पार्टी ने कुल 146 घोषित टिकटों में से 52 पर महिला उम्मीदवारों को मौका दिया है, जो कुल हिस्सेदारी का करीब 35 प्रतिशत है। इस सूची में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुईं पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल का नाम भी शामिल है, जिन्हें वार्ड 110 से चुनावी मैदान में उतारा गया है।
जयपुर के अलावा कोटा नगर निगम की 100 उम्मीदवारों की सूची में भी भाजपा ने 5 मुस्लिम चेहरों को शामिल किया है। इनमें मोहम्मद निजाम (वार्ड 6), मुस्तकीम (वार्ड 45), यूसुफ कक्कड़ (वार्ड 48), अदा खान भाटी (वार्ड 60) और अमरीन अंसारी (वार्ड 82) के नाम शामिल हैं।
रणनीति में बदलाव के सियासी मायने
2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने राजस्थान की 182 सीटों में से किसी भी सीट पर मुस्लिम प्रत्याशी नहीं उतारा था और पूर्व मंत्री यूनुस खान को भी टिकट नहीं मिला था। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी यही स्थिति रही थी।
स्थानीय निकाय स्तर पर रणनीति में इस बदलाव को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी का कहना है कि पार्टी सभी वर्गों और विचारों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है। वहीं पार्टी प्रवक्ता रामलाल शर्मा ने बताया कि उम्मीदवारों के चयन से पहले संबंधित वार्डों की सामाजिक संरचना और मतदाताओं की मौजूदगी को ध्यान में रखा गया है। मुस्लिम बहुल वार्डों में प्रत्याशी उतारकर पार्टी कांग्रेस के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाने की रणनीति पर काम कर रही है।
वार्ड 76 में टिकट को लेकर घमासान, सीएम को करना पड़ा हस्तक्षेप
नामांकन के आखिरी दिन तक दोनों प्रमुख दलों ने औपचारिक सूची जारी करने से परहेज किया और बगावत रोकने के लिए चुनिंदा उम्मीदवारों को सीधे फोन पर सूचित कर नामांकन केंद्र भेजा गया। इसके बावजूद कुछ वार्डों में खींचतान देखने को मिली।
वार्ड 76 में पूर्व डिप्टी मेयर पुनीत कर्णावट और कुलदीप मिश्रा के बीच टिकट को लेकर सीधा टकराव सामने आया। पार्टी ने आधिकारिक तौर पर कर्णावट के नाम का फैसला किया था, लेकिन विधायक कालीचरण सराफ के समर्थक कुलदीप मिश्रा को भी सिंबल मिलने से दोनों ने पर्चा दाखिल कर दिया। मामला बढ़ने पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के हस्तक्षेप के बाद आधिकारिक चुनाव चिह्न पुनीत कर्णावट को आवंटित किया गया।
