दिल्ली की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में बड़ा बदलाव, बुराड़ी में 1.68 लाख नाम बाहर

नई दिल्ली: दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम शामिल नहीं हो सके हैं। सोमवार को चुनाव से जुड़े विधानसभा-वार आंकड़े सामने आने के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि सत्यापन प्रपत्रों के डिजिटलीकरण में कमी के चलते अलग-अलग इलाकों में नाम बाहर होने का अनुपात काफी भिन्न है। संख्या के लिहाज से बुराड़ी विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर रहे, जबकि प्रतिशत के आधार पर तुगलकाबाद में सबसे बड़ा अंतर दर्ज किया गया।
संख्या में बुराड़ी और ओखला सबसे आगे
बुराड़ी विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 4,28,480 है। इनमें से 2,59,820 मतदाताओं के सत्यापन प्रपत्र ही प्राप्त हो सके, जिसके चलते 1,68,670 नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं हो पाए। दिल्ली की सभी 70 विधानसभा सीटों में संख्या के मामले में यह सबसे बड़ा आंकड़ा है।
ओखला विधानसभा क्षेत्र संख्या के लिहाज से दूसरे स्थान पर रहा। यहां 3,62,893 कुल मतदाताओं में से 1,64,451 नाम (45.33%) ड्राफ्ट सूची से बाहर रहे। वहीं बदरपुर में कुल 3,44,677 मतदाताओं में से 1,47,088 नाम शामिल नहीं हो सके।
विकासपुरी और मटियाला में भी संख्यात्मक अंतर बड़ा रहा:
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विकासपुरी: कुल 4,21,792 मतदाताओं में से 1,46,511 नाम ड्राफ्ट सूची में जगह नहीं बना पाए।
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मटियाला: 4,38,702 कुल मतदाताओं में से 1,05,835 नाम सत्यापन के अभाव में बाहर रहे।
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मुस्तफाबाद: यहां 80,891 मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं हो सके।
प्रतिशत के आधार पर तुगलकाबाद में सबसे ज्यादा असर
अनुपात के हिसाब से तुगलकाबाद विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा प्रभाव देखा गया। यहां कुल 1,92,419 मतदाताओं में से केवल 1,00,345 सत्यापन प्रपत्र ही डिजिटलीकृत हो सके, जिससे 92,074 मतदाताओं (47.85%) के नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर रह गए।
रोहिणी और शकूरबस्ती में बेहतर स्थिति
उत्तर-पश्चिमी और पश्चिमी दिल्ली के कई विधानसभा क्षेत्रों में सत्यापन की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर दर्ज की गई। रोहिणी में 83.43 फीसदी प्रपत्रों का डिजिटलीकरण पूरा हुआ, जिसके चलते वहां केवल 16.57 फीसदी नाम ही सूची से बाहर रहे।
अन्य प्रमुख क्षेत्रों की स्थिति:
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शकूरबस्ती: 79.14% प्रपत्र डिजिटलीकृत (20.86% नाम बाहर)
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राजौरी गार्डन: 78.76% प्रपत्र डिजिटलीकृत (21.24% नाम बाहर)
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मंगोलपुरी: 78.76% प्रपत्र डिजिटलीकृत (21.24% नाम बाहर)
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उत्तम नगर: 77.76% प्रपत्र डिजिटलीकृत (22.24% नाम बाहर)
विधानसभा वार आंकड़ों में बड़ा अंतर
पूरी दिल्ली के आंकड़ों का विश्लेषण बताता है कि ड्राफ्ट सूची से नाम बाहर होने का संबंध सीधे तौर पर कुल आबादी या मतदाताओं की संख्या से नहीं है, बल्कि यह प्रपत्रों के सत्यापन और डिजिटलीकरण की गति पर निर्भर रहा। तुगलकाबाद (47.85% बाहर) और रोहिणी (16.57% बाहर) के बीच करीब 31 प्रतिशत अंक का अंतर दर्ज किया गया है। कई अन्य विधानसभा क्षेत्रों में 80 फीसदी से अधिक सत्यापन कार्य पूरा होने के कारण वहां नाम कटने का अनुपात 20 फीसदी से भी कम रहा।
