INDIA गठबंधन का बड़ा ऐलान, 2 अक्टूबर से ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च क्यों?

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शकील अहमद सैफी
शकील अहमद सैफी

राजधानी दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में बुधवार को विपक्षी दलों के गठबंधन ‘INDIA ब्लॉक’ की एक अहम बैठक संपन्न हुई। करीब तीन घंटे तक चली इस बैठक में 20 विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और चुनाव आयोग (ECI) की कार्यप्रणाली के खिलाफ साझा रणनीति तैयार करने पर केंद्रित इस बैठक में विपक्ष ने एक सुर में चरणबद्ध आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है।

बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, ममता बनर्जी, सोनिया गांधी और तेजस्वी यादव समेत कई प्रमुख नेताओं ने हिस्सा लिया। विचार-विमर्श के बाद विपक्ष ने तय किया है कि लोकतंत्र और संस्थाओं की निष्पक्षता की रक्षा के लिए अब सीधा सड़क पर उतरना होगा।

क्या है INDIA गठबंधन के आंदोलन की रूपरेखा?

विपक्ष ने चुनाव आयोग के खिलाफ एक व्यापक और चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है:

  • 2 से 8 अक्टूबर: देश भर में जिला स्तर पर ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ निकाला जाएगा और डीएम (DM) कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किए जाएंगे। इसमें आम नागरिक, युवा, गठबंधन के कार्यकर्ता और सामाजिक संगठन हिस्सा लेंगे।

  • 6 अक्टूबर: INDIA गठबंधन के सभी लोकसभा और राज्यसभा सांसद दिल्ली में चुनाव आयोग (ECI) मुख्यालय तक पैदल मार्च करेंगे।

  • अक्टूबर का दूसरा हफ्ता: विपक्षी दलों का एक प्रतिनिधिमंडल देश की राष्ट्रपति से मुलाकात का समय मांगेगा और उनके सामने अपनी बात रखेगा। इसके अलावा, देश के अलग-अलग हिस्सों में पांच बड़ी संयुक्त रैलियां आयोजित करने का भी फैसला किया गया है।

‘चुनाव आयोग के साथ गुड़िया का खेल खेल रहे मोदी-शाह’

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। खड़गे ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग कठपुतली की तरह काम कर रहा है। उन्होंने कहा, “पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह ECI के साथ ‘गुड़िया के खेल’ जैसा बर्ताव कर रहे हैं।” खड़गे ने स्पष्ट किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के रवैये को लेकर विपक्ष में भारी नाराजगी है।

ममता की ‘एकजुटता’ वाली बात पर बजी मेजें

प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत करते हुए टीएमसी (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने गठबंधन की एकजुटता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि “पूरा विपक्ष पूरी तरह एकजुट है।” ममता के इस बयान का सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने मेज थपथपाकर जोरदार समर्थन किया।

‘लोकतंत्र को बर्बाद करने वालों को सजा दिलाएंगे’: राहुल गांधी

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने भी कड़े शब्दों में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, “हमारी बातचीत बहुत सकारात्मक रही। आज देश में बीजेपी, पीएम मोदी, अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार मिलकर लोकतंत्र पर सीधा हमला कर रहे हैं।”

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “इन लोगों ने लोकतंत्र पर कब्जा कर लिया है और हम इसे कतई चुपचाप बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम यह पक्का करेंगे कि देश के लोकतंत्र को बर्बाद करने वालों को सजा मिले।”

CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी और बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने बिहार में “वोट चोरी” होने के गंभीर आरोप लगाए। दोनों नेताओं ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए मांग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।