बाकी प्रतिनिधि कहां थे? एपस्टीन से मुलाकात पर महुआ मोइत्रा का तंज

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शालिनी तिवारी
शालिनी तिवारी

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) और अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन (Jeffrey Epstein) की तस्वीरें सामने आने के बाद भारत की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (TMC), शिवसेना (UBT) और एनसीपी (शरदचंद्र पवार) जैसे विपक्षी दलों ने पुरी के पुराने स्पष्टीकरण को लेकर उन पर तीखा हमला बोला है।

विपक्ष का सीधा सवाल यह है कि यदि पुरी और एपस्टीन की मुलाकातें पूरी तरह से पेशेवर थीं और एक प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई थीं, तो इन तस्वीरों में बाकी सदस्य कहां हैं? विपक्षी नेताओं ने इसे बहाना बनाते हुए सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की पारदर्शिता पर भी निशाना साधा है।

महुआ मोइत्रा का सीधा वार- प्रतिनिधि कहां हैं?

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने पुरी के फरवरी में दिए गए बयानों और मौजूदा तस्वीरों में दिख रहे विरोधाभास पर कड़ी आपत्ति जताई। पुरी ने पहले दावा किया था कि एपस्टीन से उनकी अधिकतम तीन-चार बार मुलाकात हुई थी और वह सभी इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट (IPI) से जुड़े प्रतिनिधिमंडल के सिलसिले में हुई थीं।

मोइत्रा ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए पूछा, “यदि बैठकें प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई थीं, तो तस्वीरों में बाकी प्रतिनिधि क्यों नजर नहीं आ रहे हैं?” वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने भी इन मुलाकातों की मंशा और पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए सरकार को घेरा।

संजय राउत ने पीएम मोदी पर साधा निशाना

शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत ने भी इस मामले पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। राउत ने प्रधानमंत्री मोदी का जिक्र करते हुए पूछा कि आखिर हरदीप पुरी एपस्टीन से किसका संदेश लेकर मिले थे? उनका कहना है कि एपस्टीन से जुड़ी फाइलें सार्वजनिक होने के बाद पुरी के संपर्क चर्चा के केंद्र में हैं और सरकार को इस पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

एनसीपी (SP) के प्रवक्ता अनीश गावंडे ने सरकार से मांग की है कि वह केवल राजनयिक संपर्क का हवाला देने के बजाय इन मुलाकातों का विस्तृत ब्योरा और चर्चा के मुद्दे सार्वजनिक करे। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के अभिजीत दीपके ने भी सोशल मीडिया पर इन तस्वीरों को लेकर सवाल उठाए।

फरवरी में क्या सफाई दे चुके हैं पुरी?

यह विवाद नया नहीं है। जब फरवरी 2026 में पहली बार ‘एपस्टीन फाइल्स’ (Epstein Files) में हरदीप सिंह पुरी का नाम सामने आया था, तब उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि एपस्टीन से उनका कोई निजी रिश्ता नहीं था। उन्होंने बताया था कि 2014 से 2017 के बीच काम के सिलसिले में वह कुछ बार एपस्टीन से मिले थे, लेकिन वह कभी उसके निजी द्वीप ‘लिटिल सेंट जेम्स’ पर नहीं गए।

पुरी ने यह भी कहा था कि मुलाकातों के समय उन्हें एपस्टीन के गंभीर अपराधों की पूरी जानकारी नहीं थी। हालांकि, अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी दस्तावेजों में दोनों के बीच ईमेल संवाद भी सामने आए थे, जिनमें भारत में कारोबारी अवसरों को लेकर चर्चा का जिक्र था।

(ध्यान दें: किसी भी व्यक्ति के साथ सिर्फ तस्वीर में दिखना आपराधिक संलिप्तता का प्रमाण नहीं होता है।)