जानिए फ्लाईदुबई हमले के बाद अल-कायदा समर्थक मैगजीन ने क्या कहा

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सैयद सरवर हुसैन - कंट्री हेड- ईरान
सैयद सरवर हुसैन – कंट्री हेड- ईरान

30 सितंबर को इजरायल (तेल अवीव) जा रही ‘फ्लाईदुबई’ (Flydubai) की फ्लाइट FZ1073 के कॉकपिट में हुए दिल दहला देने वाले हमले को लेकर अब आतंकी गुटों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। यमन में सक्रिय अल-कायदा (Al-Qaeda) से जुड़ी एक अनऑफिशियल मैगजीन ने विमान पर कब्जा करने की इस नाकाम कोशिश की जमकर तारीफ की है।

मैगजीन ने ओमान के को-पायलट हम्माम अल-हम्मामी (Hammam Al-Hammami) के कृत्य को सराहते हुए इस विमान को ‘जायनिस्ट यूएई प्लेन’ (Zionist UAE Plane) करार दिया और घटना की तुलना सीधे अमेरिका में हुए 11 सितंबर (9/11) के आतंकी हमलों से की।

AQAP ने जिम्मेदारी नहीं ली, लेकिन इरादों पर उठ रहे सवाल

हालांकि, यमन स्थित ‘अल-कायदा इन द अरेबियन पेनिनसुला’ (AQAP) ने आधिकारिक तौर पर इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है। न ही आतंकी संगठन ने को-पायलट हम्माम अल-हम्मामी को अपना सदस्य या सहयोगी घोषित किया है।

बावजूद इसके, AQAP से जुड़ी ‘अल-बयान’ मैगजीन ने इस घटना पर लिखे अपने संपादकीय का शीर्षक ’11 सितंबर और 30 सितंबर के बीच’ रखा। पत्रिका ने दावा किया कि अगर यह हाईजैकिंग कामयाब हो जाती तो खाड़ी क्षेत्र में ‘शक्ति का संतुलन’ (Balance of Power) बदल सकता था। मैगजीन ने यह भी तर्क दिया कि इजरायल और अमेरिका को निशाना बनाने वाले हमलों से मुसलमानों को फायदा हो सकता था।

मैगजीन की इन टिप्पणियों ने हम्माम अल-हम्मामी के इरादों, उसके बैकग्राउंड और सीरिया में बिताए गए उसके समय को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

फ्लाईदुबई FZ1073: 30 सितंबर को हवा में क्या हुआ था?

  • 30 सितंबर की सुबह करीब 7:05 बजे फ्लाइट FZ1073 ने दुबई से तेल अवीव के लिए उड़ान भरी थी।

  • जब विमान तकरीबन 34,000 फीट की ऊंचाई पर था, तब कॉकपिट के अंदर भयंकर झगड़ा शुरू हो गया।

  • ओमान के को-पायलट हम्माम अल-हम्मामी ने भारतीय कैप्टन स्मित माछर (Smit Machhar) पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।

  • हमले के कारण विमान पर से कंट्रोल बिगड़ गया और फ्लाइट 34,000 फीट से खतरनाक तरीके से 17,000 फीट नीचे गोता लगाने लगी।

पैसेंजर्स और क्रू का एक्शन, 7500 कोड से भेजा हाईजैकिंग का सिग्नल

घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद पैसेंजर्स और क्रू मेंबर्स अंदर दाखिल हुए और को-पायलट को काबू में किया। विमान को 15,000 फीट की ऊंचाई पर स्टेबल किया गया।

खतरे को भांपते हुए कॉकपिट से ट्रांसपोंडर को कोड 7500 पर सेट किया गया। एविएशन की भाषा में यह एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सिग्नल है, जो बताता है कि विमान में गैर-कानूनी दखल या हाईजैकिंग की कोशिश हो रही है।

सौभाग्य से, फ्लाइट में सफर कर रहे 2 रिजर्व (ऑफ-ड्यूटी) पायलटों ने कॉकपिट में मोर्चा संभाला। इसके बाद विमान का रुख मोड़ा गया और लोकल टाइम के मुताबिक सुबह करीब 9:45 बजे उत्तर-पश्चिमी सऊदी अरब के तबुक शहर में फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग कराकर 174 यात्रियों की जान बचाई गई।