तिरंगे का सम्मान कैसे करें? दिल्ली पुलिस ने बताए 12 नियम, सजा भी जानिए

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National Flag of India

Saima Siddiqui
Saima Siddiqui

राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा (Tiranga) भारत की आन, बान और शान का प्रतीक है। इसका सम्मान बनाए रखना हर भारतीय नागरिक की सबसे बड़ी नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी है। कई बार सही जानकारी के अभाव में लोग तिरंगे के उपयोग या प्रदर्शन के दौरान अनजाने में ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जो राष्ट्रीय ध्वज के अनादर की श्रेणी में आ जाती हैं।

राजधानी दिल्ली के कनॉट प्लेस (CP) में हाल ही में आयोजित किए गए ‘तिरंगा मार्च’ को लेकर दिल्ली पुलिस ने नागरिकों को ध्वज से जुड़े महत्वपूर्ण नियमों के प्रति जागरूक किया है। पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर कहा, “हमारे तिरंगे को सर्वोच्च सम्मान मिलना चाहिए और हमारी देशभक्ति हमारे हर आचरण में झलकनी चाहिए।”

इसके साथ ही, दिल्ली पुलिस ने 12 प्रमुख नियमों की एक सूची साझा की है, जिनका पालन करना हर नागरिक के लिए अनिवार्य है।

तिरंगे के सम्मान से जुड़े 12 प्रमुख नियम

  1. सर्वोच्च स्थान: जब भी राष्ट्रीय ध्वज प्रदर्शित किया जाए, उसे हमेशा सबसे विशिष्ट और सम्मानजनक स्थान पर रखा जाना चाहिए।

  2. झुकाने पर रोक: सरकारी निर्देशों के तहत घोषित ‘राष्ट्रीय शोक’ या विशेष मौकों को छोड़कर तिरंगे को कभी भी आधा नहीं झुकाया जाएगा (Half-Mast)।

  3. केसरिया पट्टी हमेशा ऊपर: तिरंगे को कभी भी उल्टा प्रदर्शित नहीं किया जा सकता। केसरिया पट्टी हमेशा ऊपर की ओर होनी चाहिए।

  4. लपेटने (Drapery) के रूप में इस्तेमाल नहीं: तिरंगे का उपयोग किसी भी रूप में लपेटने के लिए नहीं किया जा सकता, जिसमें निजी अंतिम संस्कार भी शामिल हैं।

  5. पहनावे या रुमाल पर इस्तेमाल नहीं: राष्ट्रीय ध्वज का इस्तेमाल किसी पोशाक, वर्दी के हिस्से, कुशन, रुमाल, नैपकिन या ड्रेस सामग्री पर कढ़ाई या प्रिंटिंग के तौर पर नहीं किया जा सकता।

  6. ध्वज पर कुछ लिखना मना है: तिरंगे के ऊपर किसी भी प्रकार का अक्षर, नारा या लिखावट दर्ज नहीं की जाएगी।

  7. सामान ढोने का साधन नहीं: ध्वज का उपयोग किसी वस्तु को रखने या ढोने के लिए नहीं किया जाएगा। हालांकि, राष्ट्रीय पर्वों पर फहराने से पहले उसके भीतर सिर्फ फूलों की पंखुड़ियां रखी जा सकती हैं।

  8. मूर्ति या स्मारक को न ढकें: किसी प्रतिमा या स्मारक के अनावरण के समय तिरंगे का इस्तेमाल उसे ढकने के लिए नहीं किया जाएगा।

  9. पोडियम/मंच की सजावट नहीं: झंडे का उपयोग वक्ता के डेस्क (Desk) या पोडियम को ढकने के लिए नहीं किया जा सकता।

  10. जमीन को न छुए: तिरंगा कभी भी जानबूझकर जमीन, फर्श, पानी या किसी गंदी सतह को नहीं छूना चाहिए।

  11. वाहनों पर ड्रेपिंग नहीं: किसी भी प्राइवेट वाहन, ट्रेन, नाव या विमान की हुड, छत या किनारों पर तिरंगे को लपेटा नहीं जाएगा। (वीआईपी वाहनों पर केवल डंडे में झंडा लगाने की अनुमति होती है)।

  12. इमारतों को ढकना मना: राष्ट्रीय ध्वज का उपयोग किसी भी इमारत को पूरी तरह ढकने या पर्दे के रूप में नहीं किया जा सकता।

तिरंगे के अपमान पर क्या है सजा का प्रावधान?

भारत में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का अपमान करना एक बेहद गंभीर कानूनी अपराध है। राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम, 1971 (Prevention of Insults to National Honour Act, 1971) की धारा 2 के तहत, यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर तिरंगे का अपमान करता है, उसे जलाता है, कुचलता है या नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसे अधिकतम 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है। यह कानून पूरे भारत में सख्ती से लागू है।