ज्ञानेश के इस्तीफे पर अड़ी कांग्रेस, 8 अक्टूबर को सड़क पर उतरेंगे कार्यकर्ता

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी सियासी घमासान अब राष्ट्रव्यापी होने जा रहा है। पिछले दो दिनों से दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शन और पुलिसिया कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने 8 अक्टूबर को देशभर में बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। पार्टी ने विपक्षी नेताओं के मार्च को रोके जाने और पुलिस की कार्रवाई को लोकतंत्र के लिए ‘काला दिन’ करार दिया है।
INDIA गठबंधन के सांसदों का राहुल ने जताया आभार
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस पूरे आंदोलन में एकजुटता दिखाने के लिए INDIA गठबंधन के नेताओं और सांसदों का धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि वह गठबंधन के हर उस सांसद के आभारी हैं, जो लोकतंत्र की रक्षा की खातिर संसद के अंदर, सड़कों पर और जंतर-मंतर के पास पूरी मजबूती के साथ डटा हुआ है।
‘मार्च रोक सकते हैं, लोगों की इच्छाशक्ति नहीं’
जंतर-मंतर मार्च को रोके जाने पर सरकार को घेरते हुए राहुल गांधी ने कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा, “वे हमारा मार्च रोक सकते हैं, वे बैठक करने से इनकार कर सकते हैं, लेकिन वे देश के लोगों की इच्छाशक्ति को कभी नहीं रोक सकते।”
राहुल गांधी ने तीखे तेवर अपनाते हुए आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और इस पूरे सिस्टम को जनता के सामने जवाबदेह ठहराया जाएगा।
‘लोकतंत्र बचाने की लड़ाई, पीछे हटने का सवाल नहीं’
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर कांग्रेस अपने रुख पर पूरी तरह कायम है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट करते हुए इस आंदोलन को देश की बुनियाद से जोड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई सामान्य राजनीतिक विरोध नहीं है, बल्कि देश की सबसे पवित्र और अनमोल चीज—लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की मर्यादा की रक्षा करने की लड़ाई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस लड़ाई से पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं उठता है।

