एक व्यक्ति की गलती की कीमत पूरा प्रदेश चुकाता था, अखिलेश पर बरसे योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के 6वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए पिछली समाजवादी पार्टी (SP) सरकार पर करारा प्रहार किया। बिना नाम लिए अखिलेश यादव और उनके परिवार पर निशाना साधते हुए सीएम योगी ने कहा कि जैसे एक व्यक्ति की गलती की कीमत पूरे संस्थान को चुकानी पड़ती है, ठीक उसी तरह एक व्यक्ति और एक परिवार की गलती की कीमत पूरे उत्तर प्रदेश ने पहचान के संकट, अराजकता और भ्रष्टाचार के रूप में चुकाई है।
साढ़े नौ साल में 9.5 लाख नौकरियां, पारदर्शिता पर जोर
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की पारदर्शी कार्यप्रणाली का जिक्र करते हुए बताया कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश के 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति नियुक्ति प्रक्रिया में भेदभाव या लेनदेन का आरोप नहीं लगा सकता। सीएम योगी के मुताबिक, वर्तमान में प्रदेश के 16 लाख सरकारी कर्मचारियों में से 9.5 लाख कर्मचारी मौजूदा सरकार के कार्यकाल में भर्ती हुए हैं, जो प्रदेश की प्रगति को नई गति दे रहे हैं।
लोहिया संस्थान में अत्याधुनिक सुविधाओं का लोकार्पण
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने लोहिया संस्थान में मुख्य चिकित्सा अंग प्रत्यारोपण यूनिट (ऑर्गन ट्रांसप्लांट यूनिट) सहित कई अत्याधुनिक सुविधाओं का लोकार्पण किया। इनमें 40 बेड का इमरजेंसी वार्ड और मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में 100 मरीजों की क्षमता वाला वेटिंग हॉल भी शामिल है।
उन्होंने बताया कि नई अंग प्रत्यारोपण यूनिट से किडनी ट्रांसप्लांट की लंबी प्रतीक्षा सूची को कम करने में मदद मिलेगी और जल्द ही यहां बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा भी शुरू की जाएगी। कभी 20 बेड के छोटे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में शुरू हुआ यह परिसर आज 1,400 बेड के सुपर स्पेशियलिटी संस्थान में तब्दील हो चुका है, जहां भविष्य में 1,010 बेड का नया अस्पताल और 350 बेड का ट्रॉमा सेंटर भी प्रस्तावित है।
‘मेडिकल कॉलेज बनाने से किया था इनकार’
पिछली सरकार की स्वास्थ्य नीतियों पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले चरण में यूपी के लिए 17 मेडिकल कॉलेज और गोरखपुर एम्स स्वीकृत किए थे, लेकिन तत्कालीन सरकार ने उन्हें बनाने से साफ इनकार कर दिया था।
उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र के आंकड़े पेश करते हुए बताया कि 2017 से पहले प्रदेश में सरकारी और निजी मिलाकर कुल 41 मेडिकल कॉलेज थे, जो आज बढ़कर 85 हो गए हैं और दो एम्स संचालित हैं। एमबीबीएस की सीटें 4,690 से बढ़कर 13,600 से अधिक हो गई हैं। उन्होंने चिकित्सा संस्थानों से आह्वान किया कि वे केवल पश्चिमी देशों के शोध पर निर्भर न रहें, बल्कि अपने मेडिकल डेटा को संरक्षित कर भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप शोध करें।
ब्रजेश पाठक बोले- ‘भैया के आदमी’ को मिलते थे टेंडर
कार्यक्रम में मौजूद उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी पिछली सपा सरकार को गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार के लिए आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों और ‘भैया के आदमियों’ को ही भवन निर्माण से लेकर कैंटीन और साइकिल स्टैंड तक के टेंडर मिलते थे। पाठक ने कहा कि मौजूदा सरकार ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज’ के लक्ष्य पर काम कर रही है।
कार्यक्रम में चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने भी विचार रखे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 194 नवनियुक्त कार्मिकों को नियुक्ति पत्र सौंपे और उत्कृष्ट कार्य करने वाले संकाय सदस्यों और नर्सिंग कर्मियों को सम्मानित किया।
