बिहार में अगला DGP कौन? विनय कुमार का कार्यकाल खत्म, कई नाम चर्चा में

बिहार के वर्तमान पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार का दो साल का कार्यकाल 13 दिसंबर को समाप्त होने जा रहा है। उनके कार्यकाल की समाप्ति में अब लगभग तीन महीने का समय शेष है, जिसके साथ ही राज्य पुलिस के नए कप्तान के चयन की आधिकारिक प्रक्रिया तेज हो गई है। पुलिस मुख्यालय और गृह विभाग के सूत्रों के अनुसार, नए डीजीपी के चयन के लिए राज्य सरकार 1996 बैच तक के लगभग 20 आईपीएस (IPS) अधिकारियों की सूची संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को भेजने की तैयारी में है।
आईआईटी खड़गपुर के पूर्व छात्र और 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी विनय कुमार ने दिसंबर 2024 में राज्य के डीजीपी की कमान संभाली थी। सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत डीजीपी पद पर न्यूनतम दो वर्ष का कार्यकाल तय होने के कारण उनका कार्यकाल आगामी 13 दिसंबर को पूरा हो रहा है।
डीजीपी पद के लिए 30 साल की सेवा अनिवार्य
नियमानुसार राज्य के डीजीपी पद पर नियुक्ति के लिए आईपीएस अधिकारी की कम से कम 30 वर्ष की सेवा पूरी होना अनिवार्य है। इस अर्हता के आधार पर 1996 बैच तक के डीजी (DG) और एडीजी (ADG) रैंक के अधिकारी ही इस दौड़ में शामिल होने के पात्र हैं। राज्य सरकार द्वारा भेजी जाने वाली सूची में बिहार कैडर के राज्य में तैनात और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत, दोनों तरह के अधिकारियों के नाम शामिल किए जा रहे हैं।
डीजीपी की दौड़ में प्रमुख दावेदार
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कुंदन कृष्णन (1994 बैच): वर्तमान में डीजी एसटीएफ (STF) और डीजी स्पेशल ब्रांच के पद पर तैनात हैं। इससे पहले वह एडीजी (मुख्यालय) का दायित्व संभाल चुके हैं। सम्राट चौधरी सरकार के साथ-साथ पूर्ववर्ती नीतीश कुमार सरकार में भी वे पुलिस विभाग की कई अहम जिम्मेदारियों का निर्वहन कर चुके हैं।
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प्रीता वर्मा (1991 बैच): वर्तमान में डीजी (होमगार्ड एवं फायर सर्विसेज) के पद पर कार्यरत हैं। वरिष्ठता के लिहाज से वह इस पूरी सूची में सबसे सीनियर आईपीएस अधिकारी हैं, जिससे उनका दावा शीर्ष स्तर पर माना जा रहा है।
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जेएस गंगवार (1993 बैच): वर्तमान में डीजी (विजिलेंस) हैं। पूर्व में लंबे समय तक एडीजी पुलिस मुख्यालय के पद पर रह चुके हैं और प्रशासनिक स्तर पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।
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बी. श्रीनिवासन (1992 बैच): वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) में तैनात हैं और उन्हें भी एक प्रबल दावेदार के रूप में देखा जा रहा है।
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जितेंद्र कुमार (1993 बैच): वर्तमान में डीजी बीसैप (BSAP) और अध्यक्ष (केंद्रीय चयन पर्षद – सिपाही भर्ती) का प्रभार संभाल रहे हैं।
सूची में शामिल अन्य वरिष्ठ अधिकारी
डीजी रैंक के अन्य अफसरों में डॉ. परेश सक्सेना (1994 बैच, डीजी सिविल डिफेंस), केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात अमित कुमार (1994 बैच) और निर्मल कुमार आजाद (1994 बैच) के नाम शामिल हैं।
इसके अलावा 30 साल की सेवा पूरी करने वाले एडीजी स्तर के 1995 और 1996 बैच के कई अधिकारियों के नाम भी विचारणीय सूची में हैं। इनमें राज्य में तैनात आर. मलार विजि, पंकज कुमार दराद, अमित कुमार जैन, सुधांशु कुमार, नैय्यर हसनैन खान, सुनील कुमार, डॉ. कमल किशोर सिंह और पारस नाथ शामिल हैं। वहीं, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात सुशील एम. खोपड़े, एस. रवींद्रन, जगमोहन और अनिल किशोर यादव के नाम भी इस दायरे में आते हैं।
UPSC तय करेगा तीन नामों का पैनल, मुख्यमंत्री करेंगे अंतिम फैसला
डीजीपी चयन की निर्धारित प्रक्रिया के तहत गृह विभाग योग्य अधिकारियों की पूरी सूची केंद्रीय गृह मंत्रालय और संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को सौंपता है। इसके बाद यूपीएससी अध्यक्ष की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय चयन समिति बैठती है, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रतिनिधि और राज्य के मुख्य सचिव व डीजीपी शामिल होते हैं।
यह समिति अधिकारियों की वरिष्ठता, सेवा रिकॉर्ड और कार्य अनुभव के मूल्यांकन के बाद तीन सबसे उपयुक्त अधिकारियों का एक पैनल तैयार करती है। यूपीएससी द्वारा अनुशंसित इन तीन नामों में से किसी एक अधिकारी को मुख्यमंत्री राज्य का अगला पुलिस महानिदेशक नियुक्त करते हैं। वर्तमान में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास ही गृह विभाग का भी प्रभार है, ऐसे में गृहमंत्री और मुख्यमंत्री के रूप में नए डीजीपी के चयन पर उनका निर्णय अंतिम होगा।
