बिहार कैबिनेट के बड़े फैसले: स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना 2030 तक बढ़ी

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार (2 सितंबर 2026) को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 27 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। उच्च शिक्षा, शहरी विकास, स्वास्थ्य और उद्योग से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को इस बैठक में हरी झंडी मिली है। सरकार ने स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान से लेकर छात्रों और औद्योगिक विकास को ध्यान में रखते हुए कई बड़े फैसले लिए हैं।
छात्रों और युवाओं के लिए बड़े ऐलान
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स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का विस्तार: उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ‘बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना’ को अब साल 2030-31 तक विस्तारित कर दिया गया है। इसके साथ ही, चार लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण की पूर्व व्यवस्था को भी जारी रखने की मंजूरी दी गई है।
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आसरा गृह का संचालन: सामाजिक सुरक्षा के तहत पूर्णिया और गया जिलों में 50-50 क्षमता वाले दो अतिरिक्त आसरा गृह संचालित करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली है।
अमर शहीदों और सेनानियों को राजकीय सम्मान
कैबिनेट बैठक में महान स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद रखते हुए दो अहम निर्णय लिए गए हैं:
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शहीद रामफल मंडल: भारत छोड़ो आंदोलन के निर्भीक सेनानी अमर शहीद रामफल मंडल का शहादत दिवस अब प्रत्येक वर्ष 23 अगस्त को सीतामढ़ी जिले में राजकीय समारोह के रूप में मनाया जाएगा।
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पंडित राजकुमार शुक्ल: चंपारण सत्याग्रह के सूत्रधार और महान सेनानी पंडित राजकुमार शुक्ल की जयंती भी हर साल 23 अगस्त को पश्चिमी चंपारण जिले में राजकीय समारोह के रूप में आयोजित होगी।
बेगूसराय में 700 एकड़ पर इंडस्ट्रियल एरिया और बुनियादी ढांचे का विकास
औद्योगिक और शहरी विकास को गति देने के लिए सरकार ने कई भूमि हस्तांतरण और बजट को मंजूरी दी है:
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औद्योगिक विकास: बेगूसराय जिले में 700 एकड़ भूमि पर एक नया और बड़ा औद्योगिक क्षेत्र (इंडस्ट्रियल एरिया) विकसित किया जाएगा।
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मेडिकल कॉलेज: अरवल में 25 एकड़ भूमि पर राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के निर्माण के लिए भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है, साथ ही मुजफ्फरपुर में विद्युत उपकेंद्र के लिए भी जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।
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शहरी विकास योजना: वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक राज्य के सभी नगर निकायों को 16वें वित्त आयोग की अनुशंसा के तहत मिलने वाले अनुदान के कुल 9,169 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही ‘मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना’ की अवधि को भी 2030-31 तक बढ़ा दिया गया है।
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सड़क और पुल निर्माण: नई राजधानी पथ प्रमंडल के अंतर्गत नेहरू पथ के चौड़ीकरण के लिए 39.80 करोड़ रुपये और सीतामढ़ी में रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर पुल निर्माण के लिए 110.42 करोड़ रुपये की संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। दानापुर में रेल मंत्रालय की भूमि का उपयोग कर सड़क-सह-रेल पुल बनाने के लिए भूमि हस्तांतरण को भी मंजूरी मिली है।
संग्रहालय, कृषि और अन्य प्रशासनिक निर्णय
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म्यूजियम अनुदान: वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिहार संग्रहालय और पटना संग्रहालय के संचालन व रखरखाव हेतु 40 करोड़ रुपये के सहायक अनुदान की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
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पशुपालन और मत्स्य क्षेत्र: राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत बछिया-पाड़ी पालन केंद्रों की स्थापना के लिए 73.48 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत की गई है। साथ ही, राज्य स्तरीय मत्स्य सहकारी परिसंघ के गठन और तीन वर्षों के लिए 14.79 करोड़ रुपये की योजना पर मुहर लगी है। बिहार में ‘पशु जन्म नियंत्रण नियमावली, 2023’ को भी लागू करने का निर्णय लिया गया है।
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प्रशासनिक सुधार: ई-कैबिनेट व्यवस्था को लागू करने के लिए 2.75 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, जबकि व्यवहार न्यायालयों के लिपिकीय पदों के पुनर्गठन और विभिन्न विभागों में नए पदों के सृजन को भी हरी झंडी मिल गई है।
