UP चुनाव से पहले सपा का बूथ दांव, अखिलेश को वोटर लिस्ट की चिंता
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं को आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों में पूरी ताकत से जुटने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अब समाजवादी पार्टी को बूथ स्तर तक मजबूत करना है और ‘पीडीए’ (PDA) परिवार का विस्तार करते हुए राज्य में सामाजिक न्याय की सरकार बनानी है।
‘साथी ऐप’ के जरिए मजबूत होगा संगठन
सपा प्रमुख ने बताया कि पार्टी कार्यकर्ता ‘साथी ऐप’ के माध्यम से बूथ स्तर पर संगठन को धार देने में जुटे हैं। उन्होंने सभी जिला अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जिलों में सक्रियता बढ़ाते हुए संगठनात्मक अभियानों को जमीन पर उतारें।
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में अन्याय और भ्रष्टाचार चरम पर है। अखिलेश ने ऐलान किया कि समाजवादी पार्टी के सभी जिलाध्यक्ष और कार्यकर्ता अगले दो सप्ताह के भीतर प्रेस के माध्यम से भाजपा सरकार के कथित भ्रष्टाचार और पीडीए समाज के लोगों के साथ हो रहे अन्याय को जनता के सामने बेनकाब करेंगे।
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और SIR प्रक्रिया पर गंभीर सवाल
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर अखिलेश यादव ने गंभीर आशंकाएं जाहिर कीं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, तब भी ‘फॉर्म-7’ क्यों भरवाए जा रहे हैं?
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से ठीक पहले वोटर लिस्ट में दोबारा संशोधन के नाम पर किसी बड़ी साजिश को अंजाम दिया जा सकता है। अखिलेश ने दावा किया कि इसके जरिए भाजपा अपने पक्ष के मतदाताओं के वोट बढ़ाने और बूथ स्तर पर वोटों को अपने अनुकूल ‘एडजस्ट’ करने का प्रयास कर सकती है। उन्होंने आशंका जताई कि बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे पड़ोसी राज्यों से लोगों के वोट उत्तर प्रदेश में बनवाए जाने की कोशिश हो सकती है, हालांकि उन्होंने इस संबंध में कोई ठोस दस्तावेजी प्रमाण पेश नहीं किया।
‘अब चुनाव में बिल्कुल समय नहीं बचा’
पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि अब चुनाव के लिए ज्यादा वक्त शेष नहीं है, इसलिए बूथ स्तर पर संगठन को पूरी तरह सक्रिय करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं का काम केवल वोटर लिस्ट ठीक कराने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें मतदाताओं को बूथ तक लाने और मतदान के लिए प्रेरित करने की पूरी जिम्मेदारी उठानी होगी।
सपा सुप्रीमो ने घोषणा की कि कल से समाजवादी पार्टी का बूथ स्तर का व्यापक प्रचार अभियान प्रभावी रूप से शुरू हो जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि समाजवादी पार्टी का पूरा फोकस इस बार मजबूत बूथ मैनेजमेंट, पीडीए समीकरण और मतदाता सूची की कड़ी निगरानी पर टिका हुआ है।
