सुप्रीम कोर्ट से ‘मोहम्मद दीपक’ को राहत, FIR की कार्रवाई पर लगी रोक

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार, 31 अगस्त 2026 को देहरादून के चर्चित जिम मालिक दीपक कुमार—जो इंटरनेट पर ‘मोहम्मद दीपक’ के नाम से मशहूर हैं—को बड़ी राहत दी है। शीर्ष अदालत ने उत्तराखंड में बजरंग दल के सदस्यों के साथ हुई बहस के बाद उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर (FIR) पर आगे की किसी भी कार्रवाई पर रोक लगा दी है।
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच का आदेश
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने दीपक द्वारा एफआईआर को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस मामले से जुड़ी अग्रिम कार्यवाही पर रोक रहेगी। इसके साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड हाईकोर्ट के उस पुराने आदेश पर भी रोक लगा दी है, जिसमें दीपक को इस मामले के संबंध में सार्वजनिक बयान देने या सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की पोस्ट साझा करने से प्रतिबंधित किया गया था।
दीपक ने एफआईआर को रद्द कराने के लिए पहले हाईकोर्ट का रुख किया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने मामला रद्द करने से इनकार कर दिया था और उन्हें जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया था। साथ ही, अदालत ने दीपक और इस मामले में शामिल एक अन्य व्यक्ति को घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करने या सार्वजनिक बयान देने से रोक दिया था।
अभिषेक मनु सिंघवी ने उठाए BNS के प्रावधानों पर सवाल
सुनवाई के दौरान दीपक की पैरवी करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल ने भी इस घटना को लेकर पुलिस में शिकायतें दर्ज कराई थीं, लेकिन पुलिस ने उन पर कोई एक्शन नहीं लिया, जबकि उनके खिलाफ फौरन एफआईआर दर्ज कर ली गई। सिंघवी ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दंगे से जुड़े प्रावधानों के शुरुआती इस्तेमाल पर भी गंभीर सवाल उठाए, जिन्हें बाद में हटा लिया गया था।
फरवरी के विवाद और ‘मोहम्मद दीपक’ नाम से वायरल हुआ था वीडियो
यह पूरा मामला इस साल फरवरी का है, जब बजरंग दल के सदस्यों और एक मुस्लिम दुकानदार के बीच तीखी बहस हुई थी। बताया जाता है कि इस समूह ने दुकान के नाम में ‘बाबा’ शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई थी। इसी दौरान हुई बातचीत में दीपक को यह कहते हुए सुना गया था कि, ‘मेरा नाम मोहम्मद दीपक है।’ यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया था, जिसके बाद वह चर्चा में आ गए थे।
विवाद के बाद मिला था राजनेताओं और वकीलों का समर्थन
इस घटना और विवाद के बाद दीपक को देश भर से समर्थन मिलना शुरू हो गया था। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने देहरादून जाकर उनसे मुलाकात की थी और उनके रुख की सराहना करते हुए उनके जिम को ‘मोहब्बत की दुकान’ बताया था तथा उसकी सदस्यता लेने की इच्छा जताई थी। इसके अलावा, सीपीआई (एम) सांसद जॉन ब्रिटास ने भी उनके जिम का दौरा कर मेंबरशिप ली थी। इस विवाद के चलते जिम को हुए भारी कारोबारी नुकसान की भरपाई और समर्थन में सुप्रीम कोर्ट के कई वकीलों ने आगे आकर सालाना मेंबरशिप खरीदी थी।
