‘लोकतंत्र की हत्या का इतिहास’, गोरखपुर में कांग्रेस पर बरसे AK शर्मा

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गौरव त्रिपाठी
गौरव त्रिपाठी

उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने गोरखपुर में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के दौरान कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर करारा राजनीतिक हमला किया है। बुधवार, 4 नवंबर को आयोजित इस विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मंत्री शर्मा ने कांग्रेस पर लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का सिर्फ ‘ढोंग’ करने का आरोप लगाया।

शर्मा ने कहा, “कांग्रेस के हाथ भारतीय लोकतंत्र और संविधान की हत्या के खून से रंगे हैं। आज जो कांग्रेस और उसके सहयोगी दल लोकतंत्र एवं संविधान की रक्षा की बातें कर रहे हैं, उन्हें अपने अतीत में झांकना चाहिए।”

‘विदेशी इशारे और फंडिंग से अराजकता फैलाने की कोशिश’

मंत्री शर्मा ने मंच से आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सहित समूचा विपक्ष विदेशी इशारों और फंडिंग के जरिए देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जागरूक जनता और भाजपा कार्यकर्ता इन ताकतों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे। जनसभा में उमड़ी भीड़ की ओर इशारा करते हुए उन्होंने इसे देशविरोधी ताकतों के खिलाफ जनता का जवाब बताया।

आपातकाल, सिख दंगे और कश्मीरी पंडितों का जिक्र

अपने संबोधन में कांग्रेस के इतिहास पर सवाल उठाते हुए मंत्री शर्मा ने कई पुरानी घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने 1975 के आपातकाल का हवाला देते हुए कहा कि जब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तत्कालीन प्रधानमंत्री का चुनाव निरस्त किया था, तो लोकतांत्रिक मर्यादा का पालन करने के बजाय आधी रात को देश पर आपातकाल थोप दिया गया और निर्दोष नागरिकों को जेलों में ठूंसकर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता छीन ली गई।

उन्होंने आगे कहा, “वर्ष 1984 में हजारों निर्दोष सिखों का कत्लेआम हुआ, तब भी कांग्रेस को लोकतंत्र और संविधान पर कोई खतरा नजर नहीं आया। कश्मीरी पंडितों को अपने ही घरों और मातृभूमि से विस्थापित होना पड़ा, तब भी इनकी संवैधानिक प्रतिबद्धता कहीं दिखाई नहीं दी।” न्यायपालिका में हस्तक्षेप और न्यायाधीशों के स्थानांतरण के मुद्दे पर भी उन्होंने कांग्रेस को घेरा।

आतंकवाद और नक्सलवाद पर सरकार की कार्रवाई का समर्थन

मंत्री शर्मा ने विपक्ष की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज कांग्रेस को लोकतंत्र पर खतरा तब दिखाई देता है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आतंकवाद के खिलाफ कठोर कदम उठाता है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों का भी जिक्र किया और कहा कि इन निर्णायक कार्रवाइयों से विपक्ष को लोकतंत्र खतरे में नजर आने लगता है, जो उनके ‘राजनीतिक अवसरवाद’ को दर्शाता है।

उन्होंने अंत में दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश सुशासन और राष्ट्रीय सुरक्षा के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है और जनता कांग्रेस के ‘दोहरे चरित्र’ को समझ चुकी है।