NCP में बढ़ी हलचल, तीन दिन में दूसरी कोर कमेटी बैठक में पहुंचीं सुनेत्रा पवार

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सरगर्मी तेज हो गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की कोर कमेटी ने बुधवार (4 नवंबर) को तीन दिनों के भीतर दूसरी बार अहम बैठक की। इस बैठक को लेकर राजनीतिक हलकों में इसलिए भी चर्चा है क्योंकि इससे ठीक पहले पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। हालांकि, दिल्ली की उस बैठक में पार्टी प्रमुख और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार शामिल नहीं हुई थीं, जिससे कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं।
कोर कमेटी की बैठक में क्या हुआ?
NCP के एक वरिष्ठ नेता ने जानकारी दी कि कोर कमेटी की बैठक बुधवार सुबह आयोजित की गई थी। हालांकि, उन्होंने इस बैठक के एजेंडे को लेकर कुछ भी साझा करने से इनकार कर दिया और कहा कि “सार्वजनिक रूप से शेयर करने के लिए कुछ नहीं है।” सूत्रों के मुताबिक, पार्टी प्रमुख सुनेत्रा पवार इस बैठक में शामिल हुईं। इससे पहले सोमवार (2 नवंबर) को मुंबई में कोर कमेटी की बैठक हुई थी और इसके अगले दिन मंगलवार रात को पार्टी विधायकों की बैठक बुलाई गई थी।
अमित शाह से मिले थे प्रफुल्ल पटेल समेत 6 नेता
रविवार (1 नवंबर) को एनसीपी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, दिलीप वलसे पाटिल, हसन मुशरिफ, छगन भुजबल और धनंजय मुंडे ने दिल्ली जाकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इस बैठक में सुनेत्रा पवार और उनके बेटों (राज्यसभा सांसद पार्थ और जय) के शामिल न होने से राजनीतिक अटकलों का बाजार गर्म हो गया था। यह चर्चा शुरू हो गई थी कि क्या पवार परिवार को दरकिनार किया जा रहा है या एनसीपी का शरद पवार गुट (एनसीपी-एसपी) के साथ विलय होने वाला है।
NCP ने किया मतभेदों और विलय की खबरों का खंडन
पार्टी के नेताओं ने इन सभी अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो शरद पवार की पार्टी के साथ विलय की कोई योजना है और न ही पार्टी में किसी तरह का आंतरिक मतभेद है। एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, दिल्ली में अमित शाह के साथ हुई बैठक का मुख्य उद्देश्य महायुति गठबंधन (BJP, NCP और शिवसेना) के घटक दलों के बीच समन्वय को और अधिक मजबूत बनाना था।
सुनेत्रा पवार ने दिखाई एकजुटता, 2029 पर नजर
इससे पहले मंगलवार को सुनेत्रा पवार ने दक्षिण मुंबई स्थित अपने आधिकारिक आवास ‘देवगिरी’ पर पार्टी विधायकों की बैठक ली थी। इस बैठक में मंत्रियों सहित लगभग 50 विधायक शामिल हुए थे, और उनके दोनों बेटे भी मौजूद थे। बैठक में सुनेत्रा पवार ने विश्वास जताया कि एनसीपी 2029 के विधानसभा चुनावों में और अधिक सीटें जीतेगी। मुंबई एनसीपी अध्यक्ष जीशान सिद्दीकी ने बयान दिया कि सभी विधायकों और पदाधिकारियों ने सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में पार्टी की एकजुटता पर मुहर लगाई है।
अजित पवार के बाद एनसीपी की कमान
गौरतलब है कि शरद पवार द्वारा 1999 में स्थापित एनसीपी में जुलाई 2023 में तब विभाजन हो गया था, जब अजित पवार ने एकनाथ शिंदे नीत महायुति सरकार में शामिल होने का फैसला किया था और उपमुख्यमंत्री बने थे। नवंबर 2024 के चुनावों के बाद भी वे देवेंद्र फडणवीस सरकार में इसी पद पर रहे। हालांकि, इस साल जनवरी में एक दुखद विमान दुर्घटना में अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने पार्टी प्रमुख और राज्य के उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली है।

