‘सीधे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे’, अखिलेश के बयान पर सियासी घमासान

akhilesh
गौरव त्रिपाठी
गौरव त्रिपाठी

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में 2027 का विधानसभा चुनाव न लड़ने का संकेत दिया है। वाराणसी में उनके इस बयान के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। AIMIM और बीजेपी ने सपा प्रमुख के इस फैसले पर तीखे सवाल खड़े करते हुए उन पर राजनीतिक मैदान छोड़कर भागने का आरोप लगाया है।

वाराणसी में दिया था ‘शुभ’ वाला तर्क

वाराणसी दौरे पर गए अखिलेश यादव से पत्रकारों ने जब आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने 2012 के फॉर्मूले का जिक्र किया। सपा प्रमुख ने कहा, “हम मुख्यमंत्री तब बनते हैं जब चुनाव नहीं लड़ते हैं।” उनका इशारा 2012 की ओर था, जब वह बिना विधानसभा चुनाव लड़े सीधे विधान परिषद के जरिए मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे थे। उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि वह इस बार भी वही करेंगे जो उनके लिए शुभ होगा।

AIMIM प्रवक्ता ने पूछा- कायरता है या बीजेपी से समझौता?

सपा प्रमुख के इस रुख पर असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने सीधा हमला बोला है। पार्टी प्रवक्ता शादाब चौहान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अखिलेश यादव को निशाने पर लिया।

चौहान ने अपनी पोस्ट में लिखा, “जब सेनापति ही युद्ध का मैदान छोड़कर भागने लगे तो स्पष्ट संकेत है कि वह या तो सामने वाले से समझौता कर चुका या कायरता का प्रमाण देकर आत्मसमर्पण।” उन्होंने अखिलेश यादव को टैग करते हुए सीधा सवाल किया कि क्या उन्होंने बीजेपी से समझौता कर लिया है या फिर कायरता के कारण चुनाव से भाग रहे हैं।

बीजेपी का तंज, अखिलेश को बताया ‘रणछोड़’

सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने भी इस बयान के बाद समाजवादी पार्टी को घेरने में देरी नहीं की। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए सपा मुखिया को ‘रणछोड़ अखिलेश’ करार दिया।

चौधरी ने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश ने पहले चुनौती दी और अब भाग खड़े हुए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अखिलेश अब सीधे लोक सभा से मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इसके साथ ही उन्होंने सपा सरकार के कार्यकाल की पुरानी धारणाओं का जिक्र करते हुए लिखा कि जब ये सत्ता में थे, तब नोएडा जाने से डरते थे और अब चुनाव लड़ने से डर रहे हैं।

इस पूरी बयानबाजी और विरोधियों के लगातार हमलों पर समाजवादी पार्टी या अखिलेश यादव की तरफ से अब तक कोई जवाबी प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।