छोटा शकील के बहनोई सलीम फ्रूट की 4 करोड़ की संपत्ति कुर्क

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भोजराज नावानी
भोजराज नावानी

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी गुर्गे और छोटा शकील के बहनोई मोहम्मद सलीम इकबाल कुरैशी उर्फ सलीम फ्रूट के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच करते हुए ईडी ने मुंबई के डोंगरी इलाके में स्थित एक बहुमंजिला इमारत (‘लांबत बिल्डिंग’) समेत करीब 4 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति कुर्क (Attach) कर ली है।

सलीम फ्रूट पर क्या हैं आरोप?

सलीम फ्रूट पर आरोप है कि उसने दाऊद इब्राहिम गैंग के नाम पर लोगों को डरा-धमकाकर और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके इस बिल्डिंग पर कब्जा किया था।

  • पत्नी के नाम ट्रांसफर की संपत्ति: ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि सलीम फ्रूट ने अवैध रूप से हासिल की गई इस संपत्ति को अपनी पत्नी शाजिया सलीम कुरैशी के नाम पर ट्रांसफर कर दिया था।

  • बिल्डर का बैंक खाता कुर्क: इस कार्रवाई के तहत ईडी ने बिल्डर असलम अब्दुल रहमान पटनी के बैंक खाते में जमा रकम को भी जब्त कर लिया है।

कैसे फर्जीवाड़े से हड़पी गई संपत्ति?

सलीम फ्रूट से जुड़े इस मामले में शब्बीर करोलिया और यूसुफ करोलिया नाम के व्यक्तियों पर खुद को संपत्ति का मूल मालिक बताकर फर्जी कन्वेयंस डीड और अन्य फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोप है।

ईडी के मुताबिक, दाऊद इब्राहिम और सलीम फ्रूट का नाम लेकर मूल मालिकों को बुरी तरह धमकाया गया और इस इमारत में 50 फीसदी की हिस्सेदारी जबरन हासिल की गई। इसके बाद, जांच एजेंसियों की नजरों से बचने और इस संपत्ति के लेन-देन को कानूनी (वैध) दिखाने के लिए इसे अलग-अलग चरणों में ट्रांसफर किया गया।

दक्षिण अफ्रीका के कारोबारी ने की थी शिकायत

ईडी द्वारा कुर्क की गई मुंबई के डोंगरी इलाके की इस ‘लांबत बिल्डिंग’ की कीमत साल 2016 में करीब 25 करोड़ रुपये आंकी गई थी।

इस पूरे मामले का खुलासा दक्षिण अफ्रीका के एक कारोबारी की शिकायत के बाद हुआ। इस कारोबारी ने संपत्ति पर कब्जे को लेकर मुंबई पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। मुंबई पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर (FIR) को आधार बनाते हुए ईडी ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत अपनी जांच शुरू की और अब यह बड़ी कार्रवाई की है।

माना जाता है कि मुंबई के रियल एस्टेट कारोबार में आज भी दाऊद इब्राहिम गैंग का दखल है, जो अक्सर गलत तरीके और जबरन वसूली के जरिए लोगों की संपत्तियों को हड़पने का काम करता है। ईडी इससे पहले भी इस तरह के मामलों में कई सख्त कार्रवाइयां कर चुकी है।