बहुविवाह पर नौकरी से बर्खास्तगी, मौलाना मदनी ने गिनाईं चार शादियों की शर्तें

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अजमल शाह
अजमल शाह

असम की हिमंता बिस्वा सरमा सरकार ने हाल ही में राज्य के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा और सख्त फैसला लिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी बहुविवाह (एक से अधिक विवाह) में शामिल पाया जाता है, तो उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाएगा और भविष्य में किसी भी सरकारी नौकरी के लिए स्थायी रूप से अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। इस फैसले के बाद अलग-अलग हलकों से प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। उत्तर प्रदेश के बहराइच के मौलाना सिराज अहमद मदनी ने भी इस फैसले पर अपनी राय रखी है।

‘इस्लाम में 4 शादियां बिना शर्त नहीं’

असम सरकार के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए मौलाना सिराज अहमद मदनी ने कहा, “मजहब-ए-इस्लाम के अंदर 4 शादियां करने की इजाजत है, लेकिन उसके लिए भी कुछ शर्तें रखी गई हैं।”

उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया, “मान लीजिए अगर किसी आदमी ने शादी की और शादी होने के बाद उसके बच्चे नहीं हो रहे हैं या उस औरत को कोई ऐसी बीमारी है जिसकी वजह से वह बीमारी शौहर तक मुंतकिल (फैल) हो सकती है, तो फिर इस्लाम ने इजाज़त दी है कि वह दूसरी शादी कर सकता है।”

‘बिना वजह 4 शादियों की इजाजत नहीं’

मौलाना मदनी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए स्पष्ट किया कि इस्लाम में 4 शादियों की अनुमति पूरी तरह से शर्तों पर आधारित है। उन्होंने कहा, “अगर वह व्यक्ति पहली बीवी को छोड़ना भी नहीं चाहता है, तो इस्लाम ने जो चार शादियों की इजाज़त दी है वह शर्त के साथ रखी है। बिना वजह शादी करने की इजाज़त नहीं है कि कोई भी अपनी मर्जी से चार-चार शादियां कर ले।”

क्या है असम सरकार का नया नियम?

दरअसल, असम की हिमंता बिस्वा सरमा सरकार ने ‘असम सेवा अनुशासन नियम, 1964’ (Assam Services Discipline Rules, 1964) में अहम संशोधन किया है। सरकार ने अनुशासन नियम 7 में एक नया खंड 6 जोड़ा है।

इस नए नियम के तहत, अगर कोई भी सरकारी कर्मचारी एक से ज्यादा शादी करता है, तो उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया जाएगा और आगे वह कोई सरकारी नौकरी भी नहीं पा सकेगा। इसके साथ ही, ऐसे व्यक्ति को राज्य सरकार की किसी भी कल्याणकारी योजना का लाभ उठाने से वंचित कर दिया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह नियम किसी एक विशेष धर्म के लिए नहीं है, बल्कि यह सभी धर्मों और समुदायों के सरकारी कर्मचारियों पर समान रूप से लागू होगा।