वाराणसी में MLC जीत के बाद अखिलेश का BJP पर वार, बताए हार के कारण

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Saima Siddiqui
Saima Siddiqui

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वाराणसी की दोनों एमएलसी (MLC) सीटों पर मिली जीत को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है। सपा प्रमुख ने वाराणसी की इस दोहरी जीत का श्रेय काशी की जनता और बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद को देते हुए कहा कि स्थानीय निवासियों ने बीजेपी को मणिकर्णिका के पौराणिक घाट को तोड़ने की सजा दी है।

वाराणसी दौरे के बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर काशीवासियों को उनके स्नेह के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि काशी के बाबा विश्वनाथ ने सपा के आशुतोष सिन्हा और लाल बिहारी यादव को ऐतिहासिक वोटों से जिताकर पार्टी को दोहरा आशीर्वाद दिया है।

‘काशी ने डबल इंजन को डबल जीरो कर दिया’

अखिलेश यादव ने दावा किया कि वाराणसी की जनता ने राज्य सरकार के कार्यों को नकार दिया है। उन्होंने अपने बयान में कहा, “जब काशी वाले विदाई करते हैं, तो परमानेंट ही विदा कर देते हैं।” उन्होंने कहा कि वाराणसी में बीजेपी की इस हार के लिए प्रदेश सरकार के काम और फैसले मुख्य रूप से जिम्मेदार रहे हैं।

अखिलेश यादव ने गिनाए BJP की हार के कारण

सपा अध्यक्ष ने अपनी पोस्ट और बयान में वाराणसी में बीजेपी की हार के पीछे कई प्रमुख कारणों की सूची साझा की:

  1. मणिकर्णिका के पौराणिक घाट को तोड़ने के कदम को उन्होंने पाप बताया, जिसकी सजा बीजेपी को मिली है।

  2. राजमाता पुण्यश्लोका देवी अहिल्याबाई जी की प्रतिमा के तिरस्कार का आरोप लगाते हुए इसे हार का कारण बताया।

  3. पूज्य शंकराचार्य जी पर हुए प्रहार का प्रतिकार भी इस चुनाव परिणाम में दिखा है।

  4. पाल समाज पर हुए लाठीचार्ज का जवाब जनता ने वोट के जरिए दिया है।

  5. दाल मंडी इलाके में हुई कार्रवाई को उन्होंने अत्याचार बताया और कहा कि दाल मंडी ने भाजपा को दल दिया है।

  6. गंगा सफाई (नमामि गंगे) अभियान पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि मां गंगा के नाम पर अरबों का बजट खर्च होने के बावजूद कोई काम नहीं हुआ।

  7. बनारस के बुनकरों की अनदेखी और उनके हाल-चाल न लेने को भी एक बड़ा कारण बताया।

  8. स्थानीय हस्तकला को चौपट करने का आरोप लगाया।

  9. नाव चलाने वालों (नाविकों) की रोज़ी-रोटी पर संकट और छोटे व्यवसायियों को हो रहे नुकसान का मुद्दा उठाया।

  10. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने बनारस के विकास कार्यों को बाहर के ठेकेदारों के हाथों में सौंप दिया है, जिससे क्योटो बनाने का वादा तो दूर, काशी को भी उजाड़ दिया गया।

2027 के लिए किए वादे

अखिलेश यादव ने आगामी 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर भरोसा जताया। उन्होंने कहा, “इस बार ‘काशी भाजपा की उदासी’ का कारण बनेगी। 2027 में विश्वप्रसिद्ध बनारस की लौंगलता हमारा मुंह मीठा करेगी।”

इसके साथ ही उन्होंने वादा किया कि अगर उनकी सरकार आती है तो वाराणसी को ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने के लिए मेट्रो का निर्माण किया जाएगा और अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर ‘विरासत के संरक्षण और विकास’ को साथ लेकर चलेंगे।