अमेरिका ने ईरान के केशम द्वीप पर किया हमला, इजरायल ने झाड़ा पल्ला

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साक्षी चतुर्वेदी
साक्षी चतुर्वेदी

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के पास बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान के केशम द्वीप पर सीमित रक्षात्मक हमले किए हैं। यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कूटनीतिक प्रयासों और अप्रत्यक्ष वार्ताओं में प्रगति के संकेत दिए हैं। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि एक समझौता संभव है, हालांकि ईरान ने मांग की है कि किसी भी समझौते से पहले अमेरिका को अपना नौसैनिक नाकाबंदी (naval blockade) हटानी होगी और उसकी अन्य शर्तें पूरी करनी होंगी।

दूसरी ओर, इस संघर्ष का असर खाड़ी के अन्य देशों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। सऊदी अरब के मक्का क्षेत्र में एक ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया गया है, जबकि हूती विद्रोहियों के लगातार हमलों के बीच क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं।

इजराइल ने हमलों से पल्ला झाड़ा

ईरानी द्वीप पर अमेरिकी हमलों की रिपोर्टों के बीच इजरायली सेना ने स्पष्ट किया है कि इन हमलों से उसका कोई लेना-देना नहीं है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा तेहरान के खिलाफ जंग फिर से शुरू करने की हालिया चेतावनियों के बावजूद, इजरायली सैन्य प्रवक्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केशम द्वीप पर हुए इन हमलों में इजराइल की कोई संलिप्तता नहीं है।

ईरान में दो प्रदर्शनकारियों को दी गई फांसी

तनाव के इस माहौल के बीच ईरानी न्यायपालिका ने आंतरिक मोर्चे पर भी सख्त कदम उठाए हैं। मध्य ईरान में जनवरी के दौरान विरोध प्रदर्शनों के दौरान चार पुलिस अधिकारियों की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए दो लोगों—अमीरहुसैन मलेकी और अमीरहुसैन इब्राहिमी—को फांसी दे दी गई है। न्यायपालिका के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट द्वारा मौत की सजा बरकरार रखे जाने और कानूनी समीक्षा पूरी होने के बाद यह कार्रवाई की गई है। गौरतलब है कि फरवरी के अंत में अमेरिका और इजराइल द्वारा शुरू किए गए पश्चिम एशिया युद्ध के बाद से ईरान में फांसी की सजाओं में तेजी आई है।

सऊदी अरामको के मुनाफे में उछाल, एशियाई कप स्थगित

युद्ध और क्षेत्रीय अशांति के बीच आर्थिक और खेल गतिविधियों पर भी असर पड़ा है। सऊदी अरब की तेल दिग्गज कंपनी ‘अरामको’ ने तीसरी तिमाही के शुद्ध लाभ में 34.6 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की है। यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी बुनियादी ढांचे, तेल टैंकरों और रिफाइनरीज पर लगातार हमले किए जा रहे हैं, जिससे तेल निर्यात प्रभावित हुआ है।

इसके अलावा, सुरक्षा संबंधी असाधारण परिस्थितियों का हवाला देते हुए साल 2027 में सऊदी अरब में होने वाले पहले एशियन कप फुटबॉल टूर्नामेंट को स्थगित कर दिया गया है। अब यह प्रतिष्ठित महाद्वीप प्रतियोगिता जनवरी के बजाय 23 दिसंबर 2027 से 21 जनवरी 2028 के बीच आयोजित की जाएगी।