निजी वफादारी बनाम पार्टी अनुशासन, पांचवें प्लेनम के प्रस्ताव में क्या बदला?

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Saima Siddiqui
Saima Siddiqui

चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) ने आंतरिक अनुशासन और शासन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। सत्तारूढ़ पार्टी के पांचवें प्लेनम में पारित 17,000 शब्दों के नए प्रस्ताव के तहत केंद्रीय स्तर से नीचे के मुख्य नेताओं (प्रिंसिपल लीडर्स) पर कड़ी नजर रखी जाएगी। नए नियमों के मुताबिक, अब विभाग और स्थानीय प्रशासनिक स्तर के प्रमुख नेता अपनी टीमों से व्यक्तिगत वफादारी या समर्थन की मांग नहीं कर सकेंगे। व्यक्तिगत वफादारी और अधिकार की मांग करने का अधिकार केवल देश के शीर्ष केंद्रीय नेतृत्व के पास ही सुरक्षित रहेगा।

‘आखिरी में बोलने’ का नया नियम

सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ द्वारा रविवार को जारी किए गए पूर्ण प्रस्ताव के अनुसार, पार्टी कमेटियों के शीर्ष अधिकारियों या विभाग प्रमुखों की शक्तियों पर लगाम कसने के लिए नए तंत्र विकसित किए जा रहे हैं। इसके तहत ‘लास्ट-टू-स्पीक’ (आखिरी में बोलने) नियम को कड़ाई से लागू किया जाएगा।

इस नियम के तहत किसी भी फैसले पर चर्चा के दौरान शीर्ष स्थानीय अधिकारियों या विभाग प्रमुखों को तब तक अपनी राय सुरक्षित रखनी होगी, जब तक कि टीम के बाकी सभी सदस्य अपनी बात न रख लें। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी निर्णय लेने से पहले सभी की अलग-अलग राय को पूरी तरह सुना जा सके और प्रक्रिया को ‘वन-मैन शो’ बनने से रोका जा सके। यह प्रथा 2015 से ही पार्टी के कुछ हिस्सों में चलन में थी, जिसे अब और अधिक औपचारिक रूप दिया जा रहा है।

निचले स्तर पर अधिकार केंद्रित करने पर रोक

प्रस्ताव में स्पष्ट किया गया है कि पार्टी कमेटियों के सचिवों को आंतरिक लोकतंत्र को बढ़ावा देना होगा और वे सामूहिक फैसलों की जगह अपनी व्यक्तिगत राय को नहीं थोप सकते। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पहले भी चेतावनी दी थी कि यदि हर स्तर के अधिकारी अपनी सत्ता और अधिकार की मांग करने लगेंगे, तो इससे केंद्रीय नेतृत्व का अधिकार कमजोर और खोखला हो जाएगा।

2017 में सेंट्रल पार्टी स्कूल में दिए गए अपने संबोधन में शी जिनपिंग ने कहा था कि पार्टी में केंद्रीय समिति के पास ही अधिकार है और हर स्तर पर इस मॉडल को लागू नहीं किया जा सकता। साल 2019 में तत्कालीन शीर्ष अधिकारी डिंग श्यूशिएंग ने भी स्पष्ट किया था कि राजनीतिक वफादारी से जुड़े ‘दो अपहोल्ड्स’ (Two Upholds) का सिद्धांत केवल शी जिनपिंग और केंद्रीय नेतृत्व पर लागू होता है, इसे स्वेच्छा से निचले स्तरों पर विस्तारित नहीं किया जा सकता।

भ्रष्टाचार के खिलाफ और सीधी रिपोर्टिंग का प्रावधान

नए प्रस्ताव के तहत निचले स्तर के नेताओं पर शिकंजा कसने के लिए एक और बड़ा प्रावधान किया गया है। अब नेतृत्व टीम के सदस्य मुख्य नेताओं की अनियंत्रित गतिविधियों या कदाचार की शिकायत सीधे उच्च पार्टी प्राधिकरणों से कर सकेंगे।

सिंघुआ यूनिवर्सिटी के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्ट्रैटेजिक स्टडीज के वरिष्ठ शोधकर्ता शिए माओसोंग के मुताबिक, चीनी राजनीतिक ढांचे में एक ही स्तर पर काम करने वाले अधिकारियों और सहकर्मियों की जवाबदेही तय करना हमेशा से एक संरचनात्मक चुनौती रहा है क्योंकि स्थानीय सचिव करियर की प्रगति तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में नए प्रस्ताव के तहत उच्च अधिकारियों तक सीधी और लंबवत रिपोर्टिंग लाइन बनने से इस प्रशासनिक बाधा को तोड़ा जा सकेगा।

अगले साल होने वाले नेशनल कांग्रेस से पहले तैयारी

प्लेनम के दौरान जारी कम्युनिक में यह भी पुष्टि की गई है कि पार्टी अगले साल की दूसरी छमाही में बीजिंग में अपना अगला राष्ट्रीय कांग्रेस अधिवेशन आयोजित करेगी, जिसमें केंद्रीय नेतृत्व का बड़ा फेरबदल तय किया जाएगा। इस पांच-वर्षीय महाधिवेशन से ठीक पहले बीजिंग विभिन्न स्थानीय स्तरों पर नेतृत्व में बदलाव की तैयारियों में जुटा है, और मुख्य नेता इन सभी बदलावों के केंद्र में रहने वाले हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत मुख्य नेताओं को इस बार विशेष जांच के दायरे में रखा गया है।