योगी बोले- संतुष्टिकरण से आया रामराज्य, विपक्ष की राजनीति पर साधा निशाना

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गौरव त्रिपाठी
गौरव त्रिपाठी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीलीभीत में ब्रह्मलीन महंत योगी शांतिनाथ की पुण्य स्मृति में आयोजित ‘श्रीराम कथा महोत्सव’ को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति ने देश में आतंकवाद और नक्सलवाद को बढ़ावा दिया, जबकि उनकी सरकार ने ‘संतुष्टिकरण’ के माध्यम से रामराज्य का मार्ग प्रशस्त किया है। बिना किसी भेदभाव के समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही रामराज्य की असली अवधारणा है।

कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया और नूरानपुर में अमृत सरोवर का लोकार्पण किया। इसके बाद व्यासपीठ को नमन करते हुए कथा व्यास संत अंजनी शरण और उपस्थित संतों का अभिनंदन किया।

‘कभी रामभक्तों पर चलती थीं गोलियां, अब होती है पुष्पवर्षा’

दो नवंबर 1990 की घटना का स्मरण करते हुए सीएम योगी ने कहा कि एक समय था जब अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां चलाई जाती थीं, ‘जय श्रीराम’ बोलने पर पाबंदी थी और रामभक्तों के वहां पहुंचने पर प्रतिबंध लगाया गया था। राम जन्मभूमि की मुक्ति के लिए श्रद्धालुओं ने अपना बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि 500 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो चुका है और लाखों श्रद्धालु रामलला के दर्शन कर रहे हैं।

उन्होंने अयोध्या के विकास का जिक्र करते हुए कहा कि कभी संकरी गलियों और बदहाल सड़कों वाले इस शहर की तस्वीर अब पूरी तरह बदल चुकी है। चार लेन की सड़कें, बेहतर रेल सुविधाएं और महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा आज अयोध्या को वैश्विक पटल पर स्थापित कर रहे हैं। पर्व-त्योहारों के दौरान अब अयोध्या में प्रतिदिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

विविधता में एकता ही भारत की सबसे बड़ी ताकत

मुख्यमंत्री ने देश की सांस्कृतिक एकता पर जोर देते हुए कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी ‘विविधता में एकता’ है। उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक भाषा और वेशभूषा भले ही अलग हों, लेकिन हमारी आस्था और संस्कृति पूरे देश को एक सूत्र में पिरोती है। उन्होंने कहा कि गांव-गांव में आयोजित होने वाली रामलीला, श्रीराम कथा और अखंड रामायण पाठ की परंपरा लोगों को भगवान श्रीराम के आदर्शों से जोड़ती है।

‘संतुष्टिकरण’ से हो रहा है गरीबों का कल्याण

पूर्व की सरकारों पर निशाना साधते हुए सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले विकास के लिए आने वाला धन इधर-उधर बर्बाद होता था, लेकिन अब उसी पैसे से गरीबों का कल्याण और धार्मिक स्थलों का जीर्णोद्धार हो रहा है। आज गरीबों को मुफ्त राशन, आयुष्मान भारत योजना के तहत पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा, किसानों को सम्मान निधि और युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम, मथुरा-वृंदावन, मां विंध्यवासिनी धाम के साथ-साथ लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ और बरेली की नाथ नगरी में भी धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों का विकास तेजी से हो रहा है। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने ब्रह्मलीन महंत योगी शांतिनाथ को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके जीवन को संत परंपरा का एक अनुकरणीय उदाहरण बताया।