जॉर्डन का सीरिया में आतंकियों पर एयरस्ट्राइक, हमले के 3 आरोपी गिरफ्तार

जॉर्डन की सेना ने शुक्रवार को हुए एक घातक चर्च हमले के जवाब में सोमवार को पड़ोसी देश सीरिया में ‘आतंकी संगठनों’ के ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। यह सैन्य कार्रवाई जॉर्डन के सुरक्षाबलों द्वारा 9 लोगों की हत्या के तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने के कुछ ही घंटों बाद की गई।
सीरिया में एयरस्ट्राइक, 8 नागरिकों की मौत का दावा
जॉर्डन की वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने सीरिया में कई आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया है। सेना के बयान के मुताबिक, इस कार्रवाई में चर्च हमले के दोषियों से जुड़े कई आतंकी मारे गए और घायल हुए हैं।
दूसरी तरफ, सीरिया की सरकारी समाचार एजेंसी (SANA) ने स्वास्थ्य अधिकारियों के हवाले से बताया कि दक्षिणी प्रांत दारा में हुए इन हवाई हमलों में महिलाओं और बच्चों समेत 8 नागरिकों की मौत हुई है। दारा के अस्पतालों में एक बुजुर्ग और तीन बच्चों सहित आठ शव लाए गए हैं, जबकि चार लोग घायल हैं।
‘हम उन्हें दिखा देंगे’: किंग अब्दुल्ला की चेतावनी
जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय ने मिलिट्री यूनिफॉर्म पहनकर और कमर पर पिस्तौल लगाकर अस्पताल में घायल पीड़ितों से मुलाकात की और सख्त लहजे में कहा, “हम उन्हें दिखा देंगे।”
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर किंग ने लिखा कि सुरक्षाबलों ने आतंकियों का अंत तक पीछा किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि आतंकियों को सजा से बचने नहीं दिया जाएगा और जॉर्डन को बांटने वाली किसी भी काली विचारधारा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार के संचार मंत्री मोहम्मद अल-मोमानी ने भी स्पष्ट किया कि जॉर्डन की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों पर बिना किसी रहम के सख्त प्रहार किया जाएगा।

खाली घर में छिपे थे तीनों आरोपी, हुई मुठभेड़
जॉर्डन के जन सुरक्षा निदेशक मेजर जनरल अब्दुल्ला अल-मैताह ने गिरफ्तार किए गए तीन संदिग्धों की पहचान हज्जा जैदान मोहम्मद, मेशाल जैदान मोहम्मद और अहमद सामी हुसैन के रूप में की है। इनमें से दो भाई हैं और तीसरा उनका रिश्तेदार है।
तीनों हमलावर हमले वाली जगह के पास ही एक गांव के एक खाली घर में छिपे थे। जब सुरक्षाबलों ने उन्हें घेरा, तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में तीनों घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से एक की हालत गंभीर है। गृह मंत्री माजेन अल-फराया ने बताया कि सभी हमलावर जॉर्डन के ही नागरिक हैं और किसी भी बाहरी या विदेशी संगठन से उनके तार जुड़े होने के संकेत नहीं मिले हैं। इन आरोपियों के पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद हुआ है।
चर्च में अंतिम संस्कार के दौरान हुआ था हमला
यह पूरी घटना शुक्रवार को दक्षिणी जॉर्डन के कराक गवर्नरेट स्थित हम्मूद गांव में हुई थी। यहां ग्रीक ऑर्थोडॉक्स सेंट जॉर्ज चर्च में एक अंतिम संस्कार के दौरान बंदूकधारियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर 9 लोगों की हत्या कर दी थी। कराक में ईसाई समुदाय की अच्छी खासी आबादी है, जो मुस्लिम बहुल जॉर्डन की कुल आबादी का 2 से 3 प्रतिशत हैं। जॉर्डन में पूजा स्थलों पर हमले बेहद दुर्लभ हैं; इससे पहले 2016 में कराक में ही सुरक्षा केंद्र पर हुए एक हमले में 10 लोगों की जान गई थी।
प्रधानमंत्री जाफर हसन ने इस घटना के बाद तीन दिन के राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया था। रविवार को भारी सुरक्षा के बीच 8 पीड़ितों को चर्च के पास दफनाया गया। वहीं, नौवें पीड़ित मोहम्मद अल-कासौस को सोमवार को दक्षिण अम्मान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। जॉर्डन के कानून के तहत हत्या के अपराध में फांसी की सजा का प्रावधान है।

