गुवाहाटी होटल गोलीबारी: आरोपी ने पहने थे ‘मेटा स्मार्ट ग्लासेस’, 5 की मौत

guwahati
Lee Chang (North East Expert)
Lee Chang 

असम के गुवाहाटी स्थित ‘होटल बिलास इन’ (Hotel Bilas Inn) में हुई अंधाधुंध गोलीबारी की घटना में एक अहम जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि 5 लोगों की हत्या करने वाले आरोपी घनकांत गोगोई ने घटना के वक्त कैमरे से लैस ‘मेटा स्मार्ट ग्लासेस’ (Meta smart glasses) पहने हुए थे। गुवाहाटी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर वारदात में इस्तेमाल .32-कैलिबर की पिस्तौल बरामद कर ली है।

एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत

26 अक्टूबर की रात करीब 9 बजे बोरा सर्विस इलाके में हुई इस घटना में मारे गए 5 लोगों में से 4 एक ही परिवार के सदस्य थे। मृतकों की पहचान हेलेना भराली, उनके बेटे देबर्षि ईशान कश्यप, देबर्षि की पत्नी रिनिका, हेलेना के भाई भूदेव भराली और उनके केयरटेकर नारायण दास के रूप में हुई है। इस हमले में देबर्षि और रिनिका के दो छोटे बच्चे (7 साल की बेटी और 2 साल का बेटा) अनाथ हो गए हैं। वहीं, फायरिंग में घायल हुए ड्राइवर सत्येंद्र पाठक का गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (GMCH) में इलाज चल रहा है।

लीज और बकाया किराये का विवाद

शुरुआती जांच के मुताबिक, यह खूनी खेल होटल बिलास इन के लीज एग्रीमेंट (Lease agreement) से जुड़े संपत्ति विवाद के कारण हुआ। आरोपी घनकांत गोगोई ने करीब एक साल पहले इस होटल को लीज पर लिया था, जिसकी मियाद खत्म हो चुकी थी।

पुलिस के अनुसार, एग्रीमेंट के रिन्यूअल को लेकर दोनों पक्षों के बीच बातचीत चल रही थी, जिस दौरान यह विवाद भड़क गया। प्रारंभिक रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि गोगोई ने एक साल से किराया नहीं दिया था और बिजली का बिल भी बकाया था। पुलिस इस वित्तीय विवाद के एंगल से भी जांच कर रही है।

स्मार्ट ग्लासेस खोलेंगे हत्या का राज?

इस हत्याकांड में आरोपी द्वारा पहने गए ‘मेटा स्मार्ट ग्लासेस’ जांच का एक अहम हिस्सा बन सकते हैं। इन चश्मों में रिकॉर्डिंग की सुविधा होती है। जांचकर्ताओं का मानना है कि अगर डिवाइस से घटना का फुटेज मिलता है, तो पूरी वारदात का घटनाक्रम समझने में आसानी होगी। हालांकि, पुलिस ने अभी तक यह स्वतंत्र रूप से स्पष्ट नहीं किया है कि चश्मे से कोई फुटेज बरामद हुई है या नहीं।

एक घंटे में पकड़ा गया आरोपी

गुवाहाटी के पुलिस कमिश्नर पार्थ सारथी महंत ने जानकारी दी कि घटना के एक घंटे के भीतर ही गोगोई को गिरफ्तार कर लिया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोपी कोई भाड़े का हत्यारा (Hired killer) नहीं था और न ही उसका पीड़ितों के परिवार से कोई संबंध था। पुलिस अब वैज्ञानिक जांच और पूछताछ के जरिए घटना से ठीक पहले के घटनाक्रम और पट्टे के विवाद की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।