बेनीवाल की भाभियों का मायका और ससुराल एक फिर चुनाव में भिड़ीं दो बहनें

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राघवेन्द्र मिश्रा
राघवेन्द्र मिश्रा

राजस्थान में पंचायत चुनाव के पहले चरण की वोटिंग के बाद नतीजे आने शुरू हो गए हैं। नागौर जिले के बरणगांव की ग्राम पंचायत सीट का मुकाबला इस बार काफी चर्चा में रहा। नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के इस पैतृक गांव में सरपंच पद के लिए उनकी दो भाभियां आमने-सामने थीं। चुनावी नतीजों में एक भाभी ने दूसरी को मात देते हुए सरपंची का चुनाव जीत लिया है।

राजबाला ने दर्ज की जीत, मीरा को मिले मात्र 21 वोट

बरणगांव ग्राम पंचायत से हनुमान बेनीवाल के भाई प्रेमसुख बेनीवाल की पत्नी राजबाला ने 149 वोटों के अंतर से जीत हासिल की है। उनके सामने चुनाव लड़ रहीं सांसद के दिवंगत बड़े भाई रामप्रसाद बेनीवाल की पत्नी मीरा बेनीवाल को हार का सामना करना पड़ा। चुनाव में मीरा को केवल 21 वोट मिले। सरपंच पद के लिए कुल 7 महिला प्रत्याशी मैदान में उतरी थीं, लेकिन मतदान के दौरान मुख्य टक्कर बेनीवाल परिवार की दोनों बहुओं के बीच ही सिमटी रही।

सगी बहनें चुनावी मैदान में थीं आमने-सामने

इस चुनावी दंगल की खास बात यह थी कि सरपंच पद के लिए मैदान में उतरीं दोनों प्रत्याशी रिश्ते में सगी बहनें हैं। एक ही घर की दो बहुओं और सगी बहनों के एक साथ चुनाव लड़ने से पूरे नागौर जिले की नजरें बरणगांव पर टिकी हुई थीं।

सांसद के दिवंगत बड़े भाई रामप्रसाद बेनीवाल खुद करीब 25 साल पहले इस गांव के सरपंच रह चुके थे। उनके बाद अब छोटी बहू राजबाला की जीत के साथ गांव की सरपंची एक बार फिर बेनीवाल परिवार के पास ही रह गई है।

प्रचार से दूर रहे सांसद हनुमान बेनीवाल

अपने पैतृक गांव में परिवार के सदस्यों के बीच हो रहे इस सीधे मुकाबले से नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने खुद को पूरी तरह से अलग रखा। उन्होंने चुनाव में अपनी दोनों भाभियों में से किसी के भी पक्ष में कोई प्रचार नहीं किया। मतदान और मतगणना की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब बरणगांव ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी राजबाला बेनीवाल के पास आ गई है।