पत्नी भी सियासत में, बेटा भी तैयार! मोकामा की सीट पर किसका होगा दावा?

जनता दल यूनाइटेड (JDU) से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद मोकामा के कद्दावर नेता अनंत सिंह के अगले राजनीतिक कदम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। बिहार की मोकामा विधानसभा सीट पर अगर दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई होती है और उपचुनाव की नौबत आती है, तो अनंत सिंह के सामने उम्मीदवार चयन का एक बड़ा सवाल होगा। राजनीतिक गलियारों में इस बात पर निगाहें टिकी हैं कि वे अपनी पूर्व विधायक पत्नी नीलम देवी पर दोबारा भरोसा जताएंगे या अपने बड़े बेटे अभिषेक सिंह की औपचारिक सियासी लॉन्चिंग करेंगे।
अनंत सिंह का साफ रुख: ‘बेटा अभिषेक संभालेगा कमान’
बाढ़ अनुमंडल के घोसवरी प्रखंड सभागार में दिए गए हालिया बयान में अनंत सिंह ने स्पष्ट किया है कि आगामी विधानसभा चुनाव या उपचुनाव में उनकी जगह उनके बड़े बेटे अभिषेक सिंह मैदान में उतरेंगे। यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने खुद चुनाव न लड़ने की बात कही है। दुलारचंद यादव हत्याकांड के दौरान जब वे जेल में बंद थे, तब भी उन्होंने कहा था कि उनका बेटा शिक्षित है और अब राजनीतिक जिम्मेदारी संभालने के लिए पूरी तरह तैयार है।
जुलाई में ही दिख गई थी अभिषेक की सियासी झलक
अभिषेक सिंह की सक्रियता इसी साल जुलाई में साफ देखने को मिली थी। घोसवरी में नए राजकीय डिग्री कॉलेज के उद्घाटन के दौरान वे पिता के साथ मंच पर मौजूद थे। हालांकि फीता अनंत सिंह ने काटा था, लेकिन जनता को संबोधित अभिषेक ने किया। उस कार्यक्रम में उन्होंने स्थानीय लोगों से संवाद करते हुए आश्वस्त किया था कि किसी भी परेशानी की स्थिति में लोग सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं।
पत्नी नीलम देवी का मोकामा में मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड
एक तरफ जहां बेटे की ताजपोशी की तैयारी दिख रही है, वहीं पत्नी नीलम देवी भी मोकामा के चुनावी गणित में एक मजबूत और परीक्षित चेहरा हैं। अनंत सिंह की सदस्यता रद्द होने के बाद जब नवंबर 2022 में मोकामा में उपचुनाव हुआ था, तब नीलम देवी ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के टिकट पर चुनाव लड़ा था। उस मुकाबले में उन्होंने बीजेपी (BJP) उम्मीदवार सोनम देवी को 16,752 वोटों के अंतर से करारी शिकस्त दी थी।
JDU से निष्कासन और संभावित उपचुनाव की स्थिति
हाल ही में पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में जेडीयू ने अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी दोनों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। हालांकि, सिर्फ पार्टी से निकाले जाने भर से नीलम देवी की विधानसभा सदस्यता अपने आप खत्म नहीं होती। दल-बदल कानून के तहत उन पर क्या फैसला लिया जाता है, यह कानूनी और विधायी प्रक्रिया का हिस्सा है। इसी फैसले पर निर्भर करेगा कि मोकामा में उपचुनाव की स्थिति बनती है या नहीं।

