ईरान पर बरसेंगे बम? ट्रंप के ‘एपिक फ्यूरी’ वाले बयान से बढ़ा युद्ध का खतरा

President Trump

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Jyoti Atmaram Ghag
Jyoti Atmaram Ghag

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान के खिलाफ चल रहे तनाव के बीच एक बड़ा और चिंताजनक बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया है कि अमेरिका, ईरान के खिलाफ एक और सैन्य अभियान शुरू कर सकता है। ट्रंप के इस बयान से पश्चिम एशिया (Middle East) में पहले से जारी युद्ध के और भड़कने की आशंका तेज हो गई है।

‘हम एक और छोटा एपिक फ्यूरी प्लान कर सकते हैं’

राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में फ्लोरिडा में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि अमेरिका एक और ‘छोटा एपिक फ्यूरी’ (Epic Fury) प्लान कर सकता है। बता दें कि ‘एपिक फ्यूरी’ वह कोडनेम है, जो अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ अपने उस सैन्य अभियान को दिया था, जिसकी शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी।

व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान युद्ध के भविष्य पर ट्रंप ने कहा, “हम इसे बहुत जल्दी खत्म कर सकते हैं। सवाल यह है कि क्या हम इसे अभी खत्म करना चाहते हैं या इसे अपने आप कमजोर होने देना चाहते हैं?” उन्होंने यह भी दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से तेल की आवाजाही सुचारू रूप से जारी है और अमेरिका को जिसकी जरूरत है, वह मिल रहा है।

मिडटर्म इलेक्शन के बाद बड़े हमले की योजना?

हालांकि ट्रंप ने पहले कहा था कि अगले महीने होने वाले महत्वपूर्ण ‘मिडटर्म इलेक्शन’ (जिसमें अमेरिकी संसद पर नियंत्रण दांव पर है) से पहले ईरान पर कोई हमला नहीं होगा, लेकिन द न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट कुछ और ही इशारा कर रही है। रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि अमेरिकी और इजरायली सेनाओं ने चुनाव के बाद फिर से हमला करने की योजना तैयार कर ली है। इन संभावित हमलों के निशाने पर ईरान का ऊर्जा ढांचा, परमाणु सुविधाएं, और मिसाइल व ड्रोन के भंडार हो सकते हैं।

ईरान का पलटवार: ‘काट देंगे समुद्र की इंटरनेट केबल’

अमेरिका और इजरायल (Israel) की इन सैन्य तैयारियों के बीच ईरान ने भी अपनी पूरी तैयारी होने का दावा किया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, ईरानी सुरक्षा अधिकारियों ने धमकी दी है कि यदि अमेरिका और इजरायल मिलकर उन पर हमला करते हैं, तो वे समुद्र के नीचे बिछी वैश्विक इंटरनेट केबल (Undersea Internet Cables) को पूरी तरह बर्बाद कर देंगे। इससे पूरी दुनिया के संचार और अर्थव्यवस्था पर भारी असर पड़ सकता है।

वैश्विक चेतावनी: ‘गंभीर होंगे आर्थिक परिणाम’

इस बीच, इस्तांबुल में हुई एक अहम बैठक के बाद ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, तुर्की, मिस्र, पाकिस्तान, सऊदी अरब और इटली के प्रतिनिधियों ने कड़ी चेतावनी जारी की है। इन देशों के विदेश मंत्रियों ने कहा है कि ईरान के खिलाफ एक और सैन्य हमला इस पूरे संघर्ष को नियंत्रण से बाहर कर सकता है और इसके बेहद गंभीर वैश्विक आर्थिक परिणाम (Economic Consequences) भुगतने पड़ सकते हैं।