UK में मिलेगी एक घंटे की अतिरिक्त नींद, 25 अक्टूबर को बदलेगा समय

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Saima Siddiqui
Saima Siddiqui

यूनाइटेड किंगडम (UK) में रहने वाले लोगों को रविवार, 25 अक्टूबर को सोने के लिए एक अतिरिक्त घंटा मिलेगा। रविवार रात 2 बजे देश भर की घड़ियां एक घंटा पीछे कर दी जाएंगी, जिससे आधिकारिक समय वापस 1 बज जाएगा। यह बदलाव ब्रिटिश समर टाइम (BST) के अंत और ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) की वापसी का प्रतीक है।

बिग बेन पर भी दिखेगा असर

इस बदलाव का असर ऐतिहासिक ‘बिग बेन’ पर भी होगा। यूके की संसद ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी है कि एलिजाबेथ टावर (Elizabeth Tower) में स्थित ‘ग्रेट क्लॉक’ (Great Clock) के मैकेनिक इस दौरान मेंटेनेंस का काम करेंगे।

संसद के आधिकारिक अकाउंट के मुताबिक, “रविवार सुबह 2 बजे, एलिजाबेथ टॉवर में ग्रेट क्लॉक सहित पूरे यूके की घड़ियां वापस चली जाएंगी।” इस रखरखाव कार्य के कारण शनिवार शाम 6 बजे से ग्रेट क्लॉक के डायल की लाइटें बंद कर दी जाएंगी और इसके कांटे रविवार सुबह 2 बजे तक सही समय नहीं दिखाएंगे।

क्या होता है घड़ियां पीछे होने का असर?

इस बदलाव से लोगों को सुबह के समय ज्यादा प्राकृतिक रोशनी मिलेगी, लेकिन शाम जल्दी ढलने लगेगी और अंधेरा जल्दी छाएगा। यह बदलाव उन लोगों के लिए खास तौर पर महसूस होता है, जो स्कूल या दफ्तर से शाम को लौटते हैं।

स्मार्टफोन, कंप्यूटर और इंटरनेट से जुड़े अन्य उपकरण अपने आप समय को अपडेट कर लेते हैं, लेकिन पारंपरिक दीवार घड़ियों और कुछ घरेलू उपकरणों के समय को मैन्युअल रूप से एडजस्ट करना पड़ता है।

क्या है ‘ब्रिटिश समर टाइम’ (BST)?

ब्रिटिश समर टाइम वह अवधि है जब यूके की घड़ियां ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) से एक घंटे आगे होती हैं। इसकी शुरुआत हर साल मार्च के अंतिम रविवार (वसंत) को होती है और यह अक्टूबर के अंतिम रविवार (सर्दियों की शुरुआत) को समाप्त होता है। सरकारी वेबसाइट के अनुसार, अगली बार 28 मार्च 2027 को घड़ियां फिर से एक घंटे आगे बढ़ाई जाएंगी।

क्यों बदला जाता है समय?

साल में दो बार घड़ियों का समय बदलने की यह प्रथा प्राकृतिक दिन के उजाले का बेहतर उपयोग करने के लिए बनाई गई थी। इसकी शुरुआत प्रथम विश्व युद्ध (First World War) के दौरान हुई थी। 1916 में जर्मनी ने ऊर्जा बचाने के प्रयास में अपनी घड़ियों को आगे बढ़ाया था, जिसके बाद यूके और अन्य देशों ने भी इसी व्यवस्था को अपना लिया।

क्या कभी खत्म होगी यह व्यवस्था?

ब्रिटिश समर टाइम को पूरे साल लागू रखने पर कई बार बहस हो चुकी है। समर्थकों का तर्क है कि इससे शाम को ज्यादा रोशनी मिलेगी। हालांकि, इसका मतलब यह भी होगा कि सर्दियों की सुबह ज्यादा अंधेरी होगी, खासकर स्कॉटलैंड (Scotland) जैसे उत्तरी इलाकों में।