दक्षिण भारत में बारिश का दौर तेज, 24 से उत्तर भारत में भी बदलेगा मौसम!

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अजमल शाह
अजमल शाह

देशभर में मानसून की विदाई और ठंड की आहट के बीच बंगाल की खाड़ी में बन रहा एक नया मौसमी सिस्टम सक्रिय हो रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, थाईलैंड की खाड़ी और म्यांमार क्षेत्र में सक्रिय ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण उत्तर अंडमान सागर की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से 23 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्वी और पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बनने की संभावना है, जो आगे चलकर उत्तर-पश्चिम दिशा में और मजबूत हो सकता है।

इस सिस्टम के सक्रिय होने से दक्षिण भारत के तटीय और प्रायद्वीपीय इलाकों में तेज बारिश, आंधी और आकाशीय बिजली चमकने की आशंका जताई गई है।

तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 21 और 22 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। केरल, माहे और लक्षद्वीप में 21 से 27 अक्टूबर तक बारिश का यह दौर जारी रहने का अनुमान है। विशेष रूप से 22 अक्टूबर को केरल और माहे के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

इसके साथ ही अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी तेज बारिश की संभावना है। बारिश के दौरान तमिलनाडु और कराईकल के तटीय क्षेत्रों में हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

आंध्र, तेलंगाना और कर्नाटक में तेज हवाएं, मछुआरों को हिदायत

आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक में भी मौसम का असर दिखेगा, जहां बादलों की गड़गड़ाहट और बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

तटीय केरल और लक्षद्वीप के आसपास समुद्र में अशांत हालात बने रहने की आशंका है। वहां हवा की गति 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे से लेकर 55 किलोमीटर प्रति घंटे के झोंकों तक पहुंच सकती है। इसके मद्देनजर मौसम विभाग ने मछुआरों और स्थानीय लोगों को समुद्र में न जाने और जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी है। इसके अतिरिक्त गोवा, महाराष्ट्र और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में भी स्थानीय स्तर पर बादलों और हल्की बारिश की गतिविधि देखने को मिल सकती है।

दिल्ली-NCR, यूपी, बिहार और झारखंड में कैसा रहेगा हाल?

उत्तर और पूर्वी भारत के राज्यों के लिए फिलहाल राहत की खबर है। दिल्ली-NCR में 22 अक्टूबर को आसमान साफ रहने का अनुमान है और यहां किसी बड़े अलर्ट की घोषणा नहीं की गई है, हालांकि हरियाणा और दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर निचले स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं।

उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में भी 22 अक्टूबर को मौसम सामान्य बना रहेगा और भारी बारिश या आंधी की कोई चेतावनी नहीं दी गई है। मध्य और पूर्वोत्तर भारत में भी इस दौरान मौसमी गतिविधियां शांत रहने की उम्मीद है।

24 अक्टूबर से पश्चिमी विक्षोभ का असर

उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम में अगला बदलाव 24 अक्टूबर से देखने को मिल सकता है। IMD के अनुसार, भूमध्यसागरीय क्षेत्र से आ रहा एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) इस तारीख से सक्रिय होगा। इसके असर से पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बादलों की आवाजाही या तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।