होर्मुज खोलने पर ईरान की शर्तें और परमाणु सौदे पर ताजा अपडेट

Araghchi
सैयद सरवर हुसैन - कंट्री हेड- ईरान
सैयद सरवर हुसैन – कंट्री हेड- ईरान

ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता में अप्रत्यक्ष बातचीत जारी है। इस बीच ईरान ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक वाशिंगटन तेहरान की शर्तें नहीं मानता, तब तक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बंद ही रहेगा। इसके साथ ही, परमाणु सौदे को लेकर ईरान ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि वह अपना संवर्धित यूरेनियम देश से बाहर नहीं भेजेगा।

होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए 7 दिन का ‘रोडमैप’

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने इराक के अल-एखबारिया टेलीविजन को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए सात दिन की एक पहल पेश की है। इस योजना के तहत छठे दिन जलमार्ग पूरी तरह से खोल दिया जाएगा।

अरागची के मुताबिक, वाशिंगटन इन शर्तों पर सहमत हो गया था, लेकिन वह कुछ अतिरिक्त प्रावधान चाहता था। उन्होंने स्पष्ट किया कि बातचीत का रास्ता अभी बंद नहीं हुआ है। अरागची ने कहा, “नेगोशिएटिंग टेबल अभी भी वहीं है। अगर वे हमारी शर्तों का पालन करते हैं, तो जलडमरूमध्य पूरी तरह से खोल दिया जाएगा, जिसके बाद अंतिम समझौता होने तक बातचीत के और दौर चलेंगे।”

ईरान की प्रमुख शर्तों में अमेरिकी नाकाबंदी समाप्त करना, तेल प्रतिबंधों में ढील देना और क्षेत्रीय शत्रुता को रोकना शामिल है। विदेश मंत्री ने कहा कि ईरान चाहता है कि अमेरिका अन्य मुद्दों पर आगे बढ़ने से पहले इस्लामाबाद ज्ञापन (Islamabad memorandum) के तहत अपनी सभी प्रतिबद्धताओं को पूरा करे।

लाल सागर और यमन विवाद पर ईरान का स्टैंड

अरागची ने लाल सागर में चल रहे घटनाक्रमों में ईरान की किसी भी भूमिका से साफ इनकार किया और कहा कि उन घटनाओं का “हमसे कोई लेना-देना नहीं है।” उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों ने अपने संघर्ष को सुलझाने के लिए ईरान की मध्यस्थता की पेशकश का कोई जवाब नहीं दिया है।

यमन के मामले पर उन्होंने चेतावनी दी कि वहां मिस्र का कोई भी हस्तक्षेप स्थिति को और उलझा देगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस पूरे विवाद का हल सैन्य धमकियां या प्रतिबंध नहीं, बल्कि केवल कूटनीति ही है।

‘देश से बाहर नहीं जाएगा संवर्धित यूरेनियम’

कूटनीतिक बातचीत के बीच ईरान के एक शीर्ष सुरक्षा अधिकारी के बयान ने अमेरिका के साथ किसी भी परमाणु व्यवस्था (nuclear arrangement) के सामने एक बड़ी बाधा खड़ी कर दी है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेजई ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान अपना कोई भी संवर्धित यूरेनियम (enriched uranium) देश से बाहर नहीं भेजेगा।

रेजई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा, “ईरान से एक ग्राम भी संवर्धित यूरेनियम बाहर नहीं निकाला जाएगा।” उन्होंने पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर के साथ मुलाकात के दौरान भी इसी बात को दोहराते हुए कहा कि संवर्धित परमाणु सामग्री ईरान की “प्रमुख संपत्ति और राष्ट्रीय धन” है, जिसे घरेलू इस्तेमाल के लिए रखा गया है।

रेजई ने साफ किया कि जब तक अमेरिका विश्वास बहाली के लिए कदम नहीं उठाता, तब तक उसके साथ कोई बातचीत नहीं होगी और यह प्रक्रिया “ईरान की सभी शर्तों को पूरी तरह से लागू करने” के साथ ही शुरू होनी चाहिए। गौरतलब है कि अमेरिका लंबे समय से ईरानी संवर्धित यूरेनियम को देश से बाहर भेजने और संवर्धन पर काफी प्रतिबंध लगाने की मांग करता रहा है।