ईरान की चेतावनी, ऊर्जा ठिकानों पर हमला हुआ तो बना देंगे ‘बंजर जमीन’

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सैयद सरवर हुसैन - कंट्री हेड- ईरान
सैयद सरवर हुसैन – कंट्री हेड- ईरान

मध्य पूर्व (Middle East) में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच फरवरी 2026 से जारी तनाव लगातार खतरनाक रूप लेता जा रहा है। इसी बीच, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इजरायल के खिलाफ अब तक की सबसे विध्वंसक धमकी दी है। IRGC ने चेतावनी दी है कि यदि उसके ऊर्जा बुनियादी ढांचे (Energy Infrastructure) पर कोई भी हमला किया गया, तो वह जवाबी कार्रवाई में कब्जे वाले क्षेत्रों (इजरायल) को “बंजर जमीन” (Scorched Land) में तब्दील कर देगा।

‘सिनाई प्रायद्वीप में विस्थापित होंगे लोग’

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर IRGC के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल हुसैन मोहेब्बी (Hossein Mohebbi) का बयान साझा किया गया है।

मोहेब्बी ने कहा, “ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे के खिलाफ किसी भी आक्रामकता का जवाब विनाशकारी होगा। हालांकि युवा वैज्ञानिकों द्वारा इसे तुरंत ठीक कर लिया जाएगा, लेकिन जवाबी कार्रवाई में कब्जे वाले क्षेत्रों को हमेशा के लिए एक बंजर जमीन में बदल दिया जाएगा। इसके बाद वहां रहने वाले लोगों को मिस्र के सिनाई प्रायद्वीप (Sinai Peninsula) की ओर विस्थापित होने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। दुनिया देखेगी कि क्या होगा!”

ईरान के स्टेट ब्रॉडकास्टर प्रेस टीवी (Press TV) सहित कई अन्य आउटलेट्स ने भी इस धमकी भरी चेतावनी को प्रसारित किया है।

हमले की आशंकाओं के बीच आया बयान

IRGC का यह बयान 18 अक्टूबर (रविवार) को ऐसे समय में आया है, जब इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान के तेल और ऊर्जा ठिकानों पर संभावित हमले की चर्चा जोरों पर है। हालांकि, इस बयान में किसी विशिष्ट इजरायली लक्ष्य की पहचान नहीं की गई है और न ही किसी जवाबी कार्रवाई की समयसीमा बताई गई है। यह स्पष्ट रूप से ईरानी ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर संभावित हमले के खिलाफ एक अग्रिम चेतावनी है।

ऊर्जा ठिकानों पर क्यों मंडरा रहा खतरा?

इस संघर्ष के दौरान दोनों पक्षों के ऊर्जा संयंत्र और परिवहन नेटवर्क तेजी से हमलों के निशाने पर आ गए हैं।

  • 135 ड्रोन और मिसाइल हमले: रॉयटर्स की 15 अक्टूबर की एक जांच रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान और उसके सहयोगी समूहों ने खाड़ी देशों में 84 महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा साइटों पर कम से कम 135 ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। इनमें कतर का रास लफ्फान तरलीकृत प्राकृतिक गैस कॉम्प्लेक्स और सऊदी अरब का पाइपलाइन नेटवर्क शामिल हैं।

  • होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा: इस युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। एसोसिएटेड प्रेस (AP) की 13 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास वाणिज्यिक नौवहन पर खतरे बढ़ गए हैं, जिसमें जहाजों पर हमले और समुद्री आवाजाही को प्रतिबंधित करने के ईरानी प्रयास शामिल हैं। बता दें कि होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया की तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है।