कहीं ठंड की दस्तक, कहीं गर्मी का कहर! देश भर में मौसम के बदले मिजाज

उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और दक्षिण भारत में पूर्वोत्तर मॉनसून (Northeast Monsoon) के चलते देश भर के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। दिल्ली-एनसीआर में 15 अक्टूबर को हुई बारिश के बाद शुक्रवार, 16 अक्टूबर को भी मौसम विभाग ने दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है।
राजधानी में अधिकतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री गिरकर 28.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे कम तापमान है। इस गिरावट के साथ दिल्ली में ठंड ने आधिकारिक तौर पर दस्तक दे दी है।
पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी, कई प्रमुख दर्रे और सड़कें बंद
हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में जोरदार बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश हुई है:
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हिमाचल प्रदेश: रोहतांग से लेकर लाहुल-स्पीति तक बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। रोहतांग दर्रा से सरचू, दारचा से शिंकू ला, ग्रामफू से बाटा और चंबा का प्रसिद्ध साच पास बर्फबारी के कारण पूरी तरह बंद हो गए हैं। पांगी घाटी के सुराल में 7 सेमी, साच पास पर एक फीट और गोंदला व कीलोंग में 5 सेमी तक बर्फबारी दर्ज की गई। गोंदला में बर्फबारी में फंसे लगभग 100 वाहनों को पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाला।
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जम्मू-कश्मीर: भारी बर्फबारी के चलते कश्मीर घाटी को जम्मू से जोड़ने वाला मुगल रोड बंद कर दिया गया है। जम्मू के मैदानी इलाकों में फ्लैश फ्लड जैसे हालात बने हैं। 15 अक्टूबर को उधमपुर में सबसे ज्यादा 59.6 मिमी, पुंछ में 39.5 मिमी, सांबा में 34 मिमी और कटरा में 23.1 मिमी बारिश दर्ज हुई। श्रीनगर में भी 12 मिमी बारिश हुई है।
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उत्तराखंड: ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और देहरादून समेत मैदानी इलाकों में हल्की बारिश जारी है। रुद्रप्रयाग में केदारनाथ पैदल मार्ग पर पहाड़ी से पत्थर गिरने से एक तीर्थयात्री घायल हो गया। चारधाम यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मैदानी इलाकों में फसलों को नुकसान
उत्तर-पश्चिम भारत के पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और राजस्थान में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, उत्तराखंड और हिमाचल में ओले गिरने से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है। आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में हुई यह बारिश पिछले वर्षों के मुकाबले करीब 67 प्रतिशत अधिक रही है।
दक्षिण में पूर्वोत्तर मॉनसून का कहर, कुछ जगहों पर रेड वार्निंग
दक्षिण भारत के राज्यों में पूर्वोत्तर मॉनसून के पूरी तरह सक्रिय होने से मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है:
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मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों में 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं, आंधी-तूफान और 15 मिमी प्रति घंटे की दर से भारी बारिश की रेड वार्निंग जारी की है।
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केरल के अधिकांश जिलों (कोझिकोड, मलप्पुरम, पलक्कड़, त्रिशूर, वायनाड) में ऑरेंज अलर्ट है।
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तमिलनाडु के कोयंबटूर, इरोड, करूर, नमक्कल, नीलगिरि, तिरुचिरापल्ली और तिरुप्पुर में 15 से 19 अक्टूबर के बीच भारी बारिश की संभावना है।
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तटीय कर्नाटक और रायलसीमा में 16 से 21 अक्टूबर तक व्यापक स्तर पर बारिश और 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।
मुंबई में ठंड गायब, अक्टूबर हीटवेव का येलो अलर्ट
जहां उत्तर भारत बारिश और बर्फबारी के चलते ठिठुर रहा है, वहीं महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में गर्मी का प्रकोप जारी है। गुजरात और दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर बने एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन और समुद्री हवाओं के देर से चलने के कारण मुंबई का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। मौसम विभाग ने मुंबई और आसपास के क्षेत्रों के लिए लू (हीटवेव) का येलो अलर्ट जारी किया है।
अगले हफ्ते का अनुमान
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, 22 अक्टूबर तक एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत पर असर डालेगा, हालांकि इससे ज्यादा बारिश होने की संभावना नहीं है। इसके साथ ही बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी बारिश की गतिविधियां काफी कम हो जाएंगी। पहाड़ों से आ रही ठंडी हवाओं के चलते मैदानी राज्यों में रात के तापमान में और गिरावट आने के आसार हैं।

