नीयत साफ होती तो OBC को 27% लाभ मिलता, अखिलेश पर राजभर का वार

OP RAJBHAR
महेंद्र सिंह
महेंद्र सिंह

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट (Allahabad High Court) के फैसले का सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख और प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने स्वागत किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार चुनाव कराने के लिए पूरी तरह से तैयार है और इसके लिए केवल पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

हाई कोर्ट के फैसले के तीन अहम बिंदु

राजभर ने अदालत के फैसले का जिक्र करते हुए बताया कि इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश में तीन प्रमुख बिंदु शामिल हैं। अदालत ने तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव संपन्न कराने, एक महीने के अंदर पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण तय करने और रिपोर्ट आने के बाद आगे का निर्णय लेने का निर्देश दिया है। पंचायती राज मंत्री ने कहा कि जैसे ही पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट आएगी, पंचायत चुनाव कराए जाएंगे।

अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार

पंचायत चुनाव की तैयारियों को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा राज्य सरकार पर उठाए गए सवालों का भी ओपी राजभर ने जवाब दिया। बीते 15 अक्टूबर को एक प्रेस वार्ता के दौरान यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने आरोप लगाया था कि पंचायत चुनाव को लेकर राज्य सरकार की नीयत साफ नहीं है।

ओबीसी आरक्षण को लेकर सपा को घेरा

अखिलेश यादव के इस बयान पर जुबानी हमला बोलते हुए राजभर ने सपा के कार्यकाल पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश की नीयत वास्तव में साफ होती, तो उनके समय में ओबीसी (OBC) वर्ग के अन्य लोगों का भी विकास हुआ होता और उन्हें 27 प्रतिशत आरक्षण का पूरा लाभ मिला होता।