नवरात्र से पहले कड़ी सुरक्षा, कटरा से वैष्णो देवी भवन तक पैनी नजर

रविवार (11 अक्टूबर) से शुरू होने वाले पावन नवरात्र पर्व को लेकर जम्मू संभाग में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। सरहद से लेकर शहर के प्रमुख चौराहों और धार्मिक स्थलों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर सुरक्षा घेरा मजबूत कर दिया गया है। नवरात्र के पावन अवसर पर जम्मू से लेकर मां वैष्णो देवी के आधार शिविर कटरा तक लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए सुरक्षा बल किसी भी तरह की चूक की गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहते।
सूत्रों के मुताबिक, सीमा पार से आतंकियों को भारतीय क्षेत्र में धकेलने की लगातार कोशिशों के इनपुट के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और घुसपैठ की हर साजिश को नाकाम करने के लिए व्यापक अभियान चलाए जा रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय सीमा पर SOG कमांडो का सघन तलाशी अभियान
भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) से सटे इलाकों में जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) के कमांडो लगातार कॉम्बिंग और सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। सुरक्षा बल सीमावर्ती जंगलों के चप्पे-चप्पे को खंगाल रहे हैं। किसी भी अप्रिय गतिविधि को रोकने के लिए संभावित छिपने के ठिकानों, प्राकृतिक गुफाओं और संदिग्ध रास्तों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।
इस सघन तलाशी अभियान में ट्रेंड स्निफर डॉग्स की मदद भी ली जा रही है। डॉग स्क्वॉड की टीमें दुर्गम और झाड़ियों से भरे इलाकों में संदिग्ध वस्तुओं, विस्फोटकों और संभावित रास्तों को ट्रैक करने में जवानों का सहयोग कर रही हैं।
दुर्गम इलाकों में ड्रोन और टेक्निकल सर्विलांस से पहरा
जमीनी गश्त के साथ-साथ सुरक्षा बल आसमान से भी स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं। ऐसे इलाके जहां जवानों का पैदल पहुंचना बेहद चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरा होता है—जैसे घने जंगल और ऊंची पहाड़ियां—वहां ड्रोन के जरिए रियल-टाइम सर्विलांस किया जा रहा है।
इसके साथ ही सुरक्षा एजेंसियां टेक्निकल सर्विलांस और खुफिया इनपुट्स का सहारा ले रही हैं, ताकि सीमा पार से होने वाली किसी भी हलचल या संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुष्टि कर समय रहते ठोस कार्रवाई की जा सके। शहर के अंदर सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी अतिरिक्त नाके लगाकर चेकिंग तेज कर दी गई है।

