लाइसेंस नहीं तो कारोबार बंद! दुबई में पेट्रोलियम ट्रेडिंग पर बढ़ी निगरानी

दुबई सुप्रीम काउंसिल ऑफ एनर्जी (DSCE) ने पेट्रोलियम उत्पादों (Petroleum Products) के व्यापार में सुरक्षा और नियमों के अनुपालन को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। काउंसिल ने क्षेत्र की सभी कंपनियों और प्रतिष्ठानों को सख्त हिदायत दी है कि वे पेट्रोलियम उत्पादों के भंडारण (Storage), परिवहन (Transport), वितरण (Distribution) और आपूर्ति (Supply) के हर चरण में उच्चतम सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करें।
यह कदम दुबई में पेट्रोलियम उत्पादों के व्यापार को विनियमित करने वाले ‘कार्यकारी परिषद संकल्प संख्या 85 (2025)’ के प्रावधानों के अनुरूप उठाया गया है। इसका उद्देश्य अनधिकृत और गैर-कानूनी प्रथाओं पर लगाम लगाना और इस सेक्टर में सुरक्षा व विश्वसनीयता बढ़ाना है।
‘लाइसेंस और सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य’
DSCE के महासचिव और दुबई रेगुलेटरी कमेटी फॉर पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के अध्यक्ष अहमद बुत्ती अल मुहैराबी ने बताया कि संकल्प संख्या 85 इस क्षेत्र की दक्षता (Efficiency) को बेहतर बनाने के लिए एक इंटीग्रेटेड फ्रेमवर्क प्रदान करता है।
अल मुहैराबी ने स्पष्ट किया, “रेगुलेटरी, तकनीकी और सुरक्षा मानकों का अनुपालन इस क्षेत्र की सभी संस्थाओं की प्राथमिक जिम्मेदारी है। कंपनियों को अपने सभी जरूरी लाइसेंस और परमिट वैध रखने होंगे। सुविधाएं और परिवहन के तरीके स्वीकृत आवश्यकताओं के बिल्कुल अनुरूप होने चाहिए। इससे न केवल जोखिम कम होता है, बल्कि कर्मियों, सुविधाओं और पर्यावरण की सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है।”
अवैध स्टोरेज और ट्रांसपोर्टेशन पर पैनी नजर
DSCE ने बताया कि पेट्रोलियम सेक्टर में कुछ ऐसी प्रथाओं की सख्त निगरानी की जा रही है, जो सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं। इनमें शामिल हैं:
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अनधिकृत सुविधाओं या परिवहन के तरीकों का इस्तेमाल।
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स्टोरेज और ट्रांसपोर्टेशन नियमों का उल्लंघन।
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स्वीकृत विशिष्टताओं (Specifications) को पूरा न करने वाले उत्पादों का व्यापार।
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उत्पादों के स्रोत और आवाजाही के दस्तावेजों में हेराफेरी।
काउंसिल और अन्य सरकारी संस्थाओं द्वारा हाल ही में चलाए गए निरीक्षण अभियानों (Inspection Campaigns) में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां बिना लाइसेंस वाले ठिकानों पर डीजल का अवैध भंडारण या व्यापार किया जा रहा था। साथ ही, डीजल के ट्रांसपोर्टेशन के लिए ऐसे तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा था जो मानकों पर खरे नहीं उतरते। ऐसी लापरवाही से पेट्रोलियम रिसाव (Leakage) और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है।
कंपनियों के लिए DSCE के कड़े निर्देश
DSCE ने पेट्रोलियम क्षेत्र की कंपनियों को निम्नलिखित निर्देश जारी किए हैं:
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सुनिश्चित करें कि सभी लाइसेंस और परमिट वैध (Valid) हों।
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उत्पाद यूएई (UAE) द्वारा स्वीकृत विशिष्टताओं के अनुरूप होने चाहिए।
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स्टोरेज के लिए सुरक्षित और अधिकृत सुविधाओं का ही उपयोग करें।
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परिवहन के लिए इस्तेमाल होने वाले वाहन स्वीकृत मानकों को पूरा करते हों।
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किसी भी आपात स्थिति (Emergency) से निपटने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर की पूरी तैयारी रखें।
LPG और डीजल सेक्टर में 449 निरीक्षण अभियान
पेट्रोलियम क्षेत्र में नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए DSCE ने संबंधित सरकारी संस्थाओं के साथ मिलकर एक स्थायी ‘संयुक्त फील्ड निरीक्षण दल’ का गठन किया है। जुलाई 2022 में अपना काम शुरू करने के बाद से इस टीम ने केवल तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) क्षेत्र में 449 संयुक्त निरीक्षण अभियान चलाए हैं।
काउंसिल खासकर डीजल और एलपीजी सेक्टर में लगातार निगरानी कर रही है ताकि अवैध ट्रेडिंग को रोका जा सके और दुबई को एक सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित व्यापारिक केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सके।

