ब्रिटेन के Royal College of Nursing ने Teva से साझेदारी क्यों खत्म की

ब्रिटेन के सबसे बड़े नर्सिंग यूनियन, ‘रॉयल कॉलेज ऑफ नर्सिंग’ (RCN) ने इजरायली फार्मास्युटिकल कंपनी ‘टेवा’ (Teva) के साथ अपनी व्यावसायिक साझेदारी खत्म कर दी है। यूनियन की ओर से यह फैसला कंपनी के इजरायली सेना के साथ कथित संबंधों और गाजा में चल रहे युद्ध को लेकर हुए विरोध के बाद लिया गया है। इस कदम के तहत टेवा की ब्रिटिश शाखा ‘टेवा यूके’ (Teva UK) को आगामी ‘RCNi नर्सिंग लीडरशिप समिट’ की स्पॉन्सरशिप से भी हटा दिया गया है।
फिलिस्तीन समर्थक समूहों के दबाव का असर
आरसीएन ने शुक्रवार को जारी अपने एक बयान में बताया कि उसने गाजा पट्टी में फिलिस्तीनियों के खिलाफ चल रहे युद्ध में कंपनी द्वारा इजरायली सेना के कथित समर्थन के कारण यह करार खत्म किया है।
यह फैसला फिलिस्तीन समर्थक स्वास्थ्य सेवा समूहों के लगातार पड़ रहे दबाव के बाद आया है। इन समूहों ने अभियान चलाकर मांग की थी कि ब्रिटेन के स्वास्थ्य संस्थान अंतरराष्ट्रीय कानून के कथित उल्लंघन और ‘इजरायली रंगभेद’ (Israeli apartheid) से जुड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों के साथ अपनी साझेदारी समाप्त करें।
नैतिक मानकों पर नहीं उतरी खरी
अपने फैसले का आधार बताते हुए आरसीएन नेतृत्व ने कहा कि इजरायली दवा निर्माता कंपनी के कामकाज का तरीका नर्सिंग पेशे के नैतिक मानकों के अनुकूल नहीं है। यूनियन ने कंपनी के खिलाफ लगे कानूनी प्रतिबंधों और सार्वजनिक जांच के रिकॉर्ड का हवाला देते हुए स्पॉन्सरशिप समाप्त करने की बात कही है।
आरसीएन काउंसिल की अध्यक्ष कार्मेल ओ’बॉयल ने एक पत्र के माध्यम से इस फैसले की पुष्टि की। ‘नर्सेस 4 फिलिस्तीन’ (Nurses 4 Palestine) नाम के समूह ने इंस्टाग्राम पर जारी एक बयान में बताया कि ओ’बॉयल ने 23 सितंबर को लिखे पत्र के जरिए 30 अक्टूबर को होने वाले ‘RCNi नर्सिंग लीडरशिप समिट’ से टेवा यूके की स्पॉन्सरशिप रद्द करने के फैसले की जानकारी दी थी। आरसीएन दुनिया का सबसे बड़ा नर्सिंग यूनियन माना जाता है, जो ब्रिटेन में 5 लाख से अधिक नर्सिंग स्टाफ का प्रतिनिधित्व करता है।
गाजा में गहराता स्वास्थ्य और मानवीय संकट
गाजा में इजरायली सैन्य हमलों के कारण पैदा हुए मानवीय संकट ने वैश्विक चिकित्सा समुदाय के सामने एक गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। दुनिया की प्रतिष्ठित मेडिकल पत्रिकाओं में से एक ‘द लांसेट’ (The Lancet) ने इस हालात को “गाजा का हेल्थोसाइड” (Gaza’s healthocide) करार दिया है।
आधिकारिक रिपोर्टों के मुताबिक, गाजा में सैन्य कार्रवाई के चलते हजारों फिलिस्तीनियों की रीढ़ की हड्डी, मस्तिष्क और अंगों में ऐसी गंभीर चोटें आई हैं, जिससे उनका पूरा जीवन प्रभावित हो गया है। इन घायलों में एक बड़ी संख्या बच्चों की है। दुनिया भर में गिने-चुने स्वास्थ्य सेवा समूहों ने ही अब तक इस मुद्दे पर इस तरह का कोई बड़ा या ठोस कदम उठाया है।

