हाराष्ट्र में किसानों के हालात पर सुनेत्रा पवार का निर्देश, ‘अकेला न छोड़ें’

महाराष्ट्र में सूखे जैसे गंभीर हालातों को देखते हुए राज्य सरकार और प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी कड़ी में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने बुधवार (23 सितंबर) को पार्टी के सभी मंत्रियों, पालकमंत्रियों, सांसदों, विधायकों और वरिष्ठ पदाधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
डिप्टी सीएम ने अपने सभी जनप्रतिनिधियों से कहा है कि वे तत्काल सूखाग्रस्त क्षेत्रों का दौरा करें, किसानों से सीधा संवाद करें और उनकी फसलों को हुए भारी नुकसान का मौके पर जाकर जायजा लें।
‘आपदा के समय किसानों के साथ खड़ी रहे पार्टी’
सुनेत्रा पवार ने प्राकृतिक आपदा के इस समय में किसानों की फिक्र जताते हुए अपने नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा:
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“प्राकृतिक आपदा के समय किसानों को बिल्कुल अकेला न छोड़ें। उनकी समस्याओं को प्रत्यक्ष रूप से समझें और उन्हें आवश्यक प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए तत्काल प्रयास करें।”
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“जब किसान कठिन परिस्थिति में हों, तब उनके साथ मजबूती से खड़ा रहना हमारी जिम्मेदारी है। उनके खेतों तक जाएं, उनकी समस्याएं सुनें, उन्हें भरोसा दें और सरकार के माध्यम से हरसंभव सहायता दिलाने के लिए प्रयास करें।”
कार्यकर्ताओं से किया आह्वान
उपमुख्यमंत्री ने NCP के सभी जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और जमीनी कार्यकर्ताओं से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि संकट की इस घड़ी में किसानों के बीच यह विश्वास कायम होना चाहिए कि पार्टी और उसका प्रत्येक कार्यकर्ता उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ा है।
3 दिन में जारी होगी सूखा प्रबंधन अधिसूचना
इस बीच, सूखे के संकट पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी मंगलवार (22 सितंबर) को अहम बयान दिया था। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि राज्य में सूखा प्रबंधन से संबंधित पहली आधिकारिक अधिसूचना अगले तीन दिन के भीतर जारी कर दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार अपने स्तर पर किसानों को तत्काल सहायता देना शुरू करेगी और इसके साथ ही सूखे से निपटने के लिए केंद्र सरकार से भी विशेष वित्तीय सहायता की मांग की जाएगी।
