Iran-US Tension: ट्रंप की ‘Annihilate’ धमकी के बाद ईरान का पलटवार

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को तबाह करने की धमकी देने के बाद तेहरान ने बेहद कड़ा पलटवार किया है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मेजर जनरल मोहसिन रेजई ने ट्रंप के बयान को एक “हारे हुए हमलावर” की हताशा और बेवकूफी भरी कोशिश करार दिया है। इसके साथ ही, ईरानी सशस्त्र बलों ने चेतावनी दी है कि अगर उन पर कोई नया हमला हुआ, तो अमेरिका और इजरायल को इसके अप्रत्याशित और विनाशकारी परिणाम भुगतने होंगे।
ट्रंप की बयानबाजी पर रेजई का निशाना
बुधवार को IRIB न्यूज़ नेटवर्क को दिए एक इंटरव्यू में मोहसिन रेजई ने अमेरिकी राष्ट्रपति की बयानबाजी को सिरे से खारिज कर दिया। रेजई के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र महासभा में ट्रंप का हालिया बयान अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने एक आरोपी युद्ध अपराधी के अपने बचाव की भोंडी कोशिश के अलावा और कुछ नहीं है। उन्होंने दावा किया कि वाशिंगटन की कूटनीतिक चालें ईरान के खिलाफ उसके विफल युद्ध की जमीनी हकीकत को नहीं छिपा सकतीं।
अमेरिका इस समय संयुक्त राष्ट्र के मंच का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ अपनी आर्थिक मोर्चेबंदी और नौसैनिक घेराबंदी (Naval blockade) के लिए पश्चिमी देशों का समर्थन जुटाने के लिए कर रहा है। ईरान ने इसी कूटनीतिक कोशिश के जवाब में यह सख्त प्रतिक्रिया दी है।
ट्रंप ने UNGA में क्या दी थी धमकी?
रेजई का यह पलटवार ट्रंप के उस संबोधन के बाद आया है, जिसमें उन्होंने ईरान को ‘नक्शे से मिटाने’ तक की बात कही थी। मंगलवार को UNGA को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा था कि अगर तेहरान सात महीने पहले अमेरिका और इजरायल द्वारा संयुक्त रूप से शुरू किए गए युद्ध को समाप्त करने के समझौते पर राजी नहीं होता है, तो उसे पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा।
ट्रंप ने विश्व नेताओं के सामने दो टूक लहजे में कहा, “मुझे एक बड़ा फैसला लेना है। क्या ईरान के साथ कोई ऐसा समझौता होगा जो उन्हें पहले से कहीं अधिक महान देश बनाने और फिर से खड़ा होने का मौका दे? या फिर मैं इस्लामिक गणराज्य को तबाह कर दूं और इसे जल्द से जल्द खत्म कर दूं?”
इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी चेतावनी दी थी कि वह ईरान को उस नर्क में धकेल सकते हैं जहां से उसके बचने या भविष्य में उबरने की कोई उम्मीद नहीं बचेगी।
‘यह रणनीतिक हताशा है’- ईरानी सेना की चेतावनी
ईरान ने ट्रंप की इन धमकियों को घरेलू राजनीतिक प्रोपेगेंडा का हिस्सा माना है। बुधवार को ईरान के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ और केंद्रीय कमान ‘खतम अल-अंबिया’ ने एक संयुक्त बयान जारी कर अमेरिका की इन धमकियों को ‘रणनीतिक हताशा’ (Strategic desperation) बताया।
सैन्य कमान ने अपने बयान में कहा कि संयुक्त राष्ट्र के मंच से अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा बार-बार दी जा रही धमकियां उनके अपने ही आक्रमण को सही ठहराने का एक जरिया हैं। ईरानी सेना ने खुली चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया है कि अगर ईरान के खिलाफ कोई भी नया सैन्य कदम उठाया गया, तो वे अमेरिका और इजरायल पर और भी सख्त, कुचल देने वाले और अप्रत्याशित हमले करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
