नंदीग्राम: मिलन प्रधान गिरफ्तार, राहुल गांधी और सायोनी घोष आमने-सामने

पश्चिम बंगाल के हाई-प्रोफाइल नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की अचानक गिरफ्तारी से बड़ा सियासी बवाल खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन देने के कुछ ही घंटों बाद हुई इस पुलिस कार्रवाई पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। एनसीपीआई (NCPI) सांसद सायोनी घोष से लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी तक ने इस घटनाक्रम पर अपना रुख स्पष्ट किया है।
सायोनी घोष का बयान- ‘यह दो पार्टियों के बीच का मामला’
एनसीपीआई सांसद सायोनी घोष ने मिलन प्रधान की गिरफ्तारी और ममता बनर्जी के समर्थन पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे पूरी तरह से राजनीतिक विषय बताया। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले राजनीति में कई तरह के फैसले लिए जाते हैं और यह मुख्य रूप से दो पार्टियों के बीच का मामला है।
सायोनी घोष के मुताबिक, किसी भी दल को अगर कोई आपत्ति है तो वह चुनाव आयोग (Election Commission) या अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस या भाजपा, सभी को अपने संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करने की पूरी स्वतंत्रता है।
राहुल गांधी का सीधा हमला- ‘BJP को निष्पक्ष चुनाव में भरोसा नहीं’
कांग्रेस प्रत्याशी की गिरफ्तारी के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार देते हुए लिखा, “नंदीग्राम उपचुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी कोई संयोग नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिशोध है। यह लोकतंत्र की हत्या है।”
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा का निष्पक्ष चुनाव में कोई भरोसा नहीं है। राहुल गांधी ने लिखा कि भाजपा कभी वोट चोरी, कभी सरकार चोरी और कभी पार्टी चोरी के जरिए सत्ता बचाना चाहती है। वे चुनाव लड़ने के बजाय चुनावी मुकाबले को ही खत्म कर देना चाहते हैं।
19 साल पुराने केस का जिक्र और चुनाव आयोग पर आरोप
इस मामले में कांग्रेस पार्टी ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल से भाजपा और चुनाव आयोग दोनों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने दावा किया है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा और इलेक्शन कमीशन मिलकर चुनाव को लूटने में लगे हैं।
कांग्रेस ने अपने बयान में कहा कि पहले ममता बनर्जी की उम्मीदवार को डरा-धमकाकर नामांकन वापस करवाया गया और अब कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को 19 साल पुराने एक केस में गिरफ्तार कर लिया गया है। पार्टी ने नंदीग्राम उपचुनाव से पहले हुए इस पूरे घटनाक्रम को लोकतंत्र के लिए एक ‘काला धब्बा’ बताया है।
ममता का समर्थन और तुरंत बाद हुई गिरफ्तारी
नंदीग्राम उपचुनाव में शुक्रवार को उस वक्त बड़ा राजनीतिक मोड़ आया था जब ममता बनर्जी के खेमे की उम्मीदवार ने अचानक अपना नामांकन वापस ले लिया था। इसके तुरंत बाद, ममता बनर्जी ने नंदीग्राम सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को अपना समर्थन देने का ऐलान किया। इसी राजनीतिक सरगर्मी के बीच मिलन प्रधान को गिरफ्तार कर लिया गया, जिसके बाद से ही लगातार तीखी बयानबाजी जारी है।
